Bishnupur Clash: मणिपुर के बिष्णुपुर में संदिग्धों को लेकर प्रदर्शन हिंसक हुआ, भीड़ ने सुरक्षा कर्मियों के काफिले को रोका और वाहनों में आग लगा दी। झड़पों में 18 लोग घायल हुए है।
Manipur Bishnupur Violence: मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मंगलवार दोपहर उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब थिनुंगेई इलाके में प्रदर्शनकारियों ने सादे कपड़ों में जा रहे सुरक्षाकर्मियों के काफिले को रोक लिया। यह घटना करीब 1:30 बजे हुई और देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दरअसल, हाल ही में ट्रोंगलाओबी बम धमाके में दो बच्चों की मौत से नाराज स्थानीय लोगों ने बोलेरो, वर्ना और स्विफ्ट जैसी तीन गाड़ियों को रोककर उनकी जांच शुरू कर दी। गाड़ियों में सवार लोगों ने खुद को असम राइफल्स का कर्मी बताया, लेकिन पहचान पत्र न दिखा पाने के कारण भीड़ का शक और गहरा गया।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब गुस्साई भीड़ ने पांच लोगों को बंधक बना लिया, जबकि कुछ अन्य मौके से भागने में सफल रहे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने दो वाहनों में आग भी लगा दी। इस पूरी घटना के दौरान हुई झड़पों में पांच महिलाओं समेत लगभग 18 लोग मामूली रूप से घायल हो गए। बाद में सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप करते हुए बंधक बनाए गए लोगों को अपनी हिरासत में ले लिया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गाड़ियों में सवार लोग हथियारबंद संदिग्ध कुकी उग्रवादी हो सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनके अनुसार, ये सभी कर्मी एक नारकोटिक्स ऑपरेशन के तहत कार्रवाई कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, इम्फाल एयरपोर्ट पर 7 किलो मॉर्फिन के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बल सादे कपड़ों में क्वाकटा की ओर जा रहे थे।
तनाव बढ़ने पर प्रदर्शनकारियों ने टिड्डिम रोड को जाम कर दिया और निंगथौखोंग व नामबोल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के साथ झड़पें भी हुईं। हालात काबू में लाने के लिए मणिपुर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने आंसू गैस, धुआं बम और कुछ स्थानों पर गोलियों का भी इस्तेमाल किया।
फिलहाल बिष्णुपुर जिले में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अन्य पांच घाटी जिलों में कर्फ्यू में आंशिक ढील दी गई है, लेकिन बिष्णुपुर में अब भी कर्फ्यू सख्ती से लागू है। सुरक्षा बल पूरे इलाके में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा को रोका जा सके।