
Jantar Mantar Protest: नीट परीक्षा मामले मेें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने की खबर से जंतर मंतपर पर मौजूद आंदोलनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई विपक्षी पार्टियों के नेता जंतर मंतर पहुंचे और आंदोलनकारियों को बधाई दी। वहीं AAP नेता मनीष सिसोदिया को आंदोलनकारी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। वहां मौजूद छात्रों ने उनसे पंजाब में लीक हुए पेपर को लेकर जवाब मांगा।
जंतर मंतर पर मौजूद आंदोलनकारियों ने आप नेता मनीष सिसोदिया से पूछा कि, पंजाब में पिछले 4.5 साल में 6 बड़े परीक्षा घोटाले हुए। परीक्षा में हुए घोटाले से करीब 5 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। जिसकी जिम्मेदारी आप सरकार की है। आंदोलनकारियों ने मनीष सिसोदिया से कहा कि, परीक्षा घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी आपकी है, आप युवाओं की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
भाजपा ने भी आप नेता मनीष सिसोदिया को घेरते हुए पूछा कि, आपने कहा था कि यदि पंजाब में पेपर लीक का मामला हुआ तो वे वहां के शिक्षामंत्री का इस्तीफा लेंगे। भाजपा ने पूछा कि पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा का पेपर लीक हुआ। पंजाब और देश से किया गया वादा कब पूरा करेंगे।
शिरोमणि अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने पर कहा कि देश के युवाओं ने यह संदेश दिया है कि यदि आप ईमानदारी से अपना काम करने में नाकाम रहते हैं तो आपको सत्ता से बाहर जाना ही होगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हमारे एजुकेशन सिस्टम को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है। सड़कों पर आकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डटकर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
उन्होने कहा कि दो मांगें अभी भी बाकी हैं-प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो। अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है। इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।