
Independence Day: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने देशवासियों से स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सभी लोगों को याद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपनी जान कुर्बान की और उनके योगदान को याद करना जरूरी है।
मौलाना रशीदी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के लोगों ने योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि आजादी का दिन हर भारतीय के लिए खुशी और गर्व का अवसर है। रशीदी ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो मुसलमानों से देशभक्ति या राष्ट्रप्रेम का प्रमाण मांगते हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों की कुर्बानियां भी बेहद महत्वपूर्ण रही हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों से देशभक्ति का प्रमाण मांगना गलत है।
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़े सवाल पर मौलाना रशीदी ने कहा कि दोनों देश के सम्मान का विषय हैं और राष्ट्रगीत का अपमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के झंडे और राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति पर राष्ट्रगीत गाने के लिए दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी की धार्मिक आस्था के खिलाफ जबरन कुछ थोपना उचित नहीं है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं होने के सवाल पर रशीदी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जरूरी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पूरे देश का पर्व है और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ऐसे राष्ट्रीय समारोहों में मौजूद रहना उचित है।
नफरत फैलाने वाले बयानों और मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मौलाना रशीदी ने कहा कि केवल बयान देने के बजाय सरकार को कार्रवाई भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए तो देश में बन रहा माहौल काफी हद तक सुधर सकता है।
पाकिस्तान के साथ तनाव और सिंधु जल समझौते को लेकर रशीदी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत की ताकत को कम करके नहीं आंकना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने पाकिस्तान को किसी तरह की गलतफहमी नहीं पालने की बात कही।