
Rajya Sabha Nomination Rejected: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने पलटवार किया है। राज्यसभा का नामांकन खारिज होने पर नटराजन ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर कांग्रेस के खिलाफ साजिश की थ्योरी फैला रही है ताकी लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा सके। मीनाक्षी ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर दोनों रिटर्निंग ऑफिसर्स ने बिना किसी ठोस कारण के उनका नामांकन क्यों रद्द किया। ये एक प्रकार की साजिश चल रही है। लोकतंत्र को कमजोर करने की। उन्होंने भाजपा पर राज्यसभा की सीट को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने और झूठे आरोप लगाने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने रविवार को तेलंगाना कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने राज्यसभा नामांकन को लेकर साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई भी उनके खिलाफ साजिश नहीं कर रहा है और इस तरह की बातें पूरी तरह झूठी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने रिटर्निंग अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश की है। उनका कहना था कि यह बात तब ही स्पष्ट हो गई थी, जब भाजपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए उम्मीदवार उतारा, जबकि उसके पास आवश्यक 58 विधायकों की संख्या से 10 विधायक कम थे जबकि कांग्रेस के पास 61 विधायक थे।
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि नामांकन पत्र में लंबित कानूनी नोटिस की जानकारी देने के लिए कोई अलग कॉलम नहीं होता। इसलिए इसकी जानकारी देना जरूरी नहीं था। उन्होंने बताया कि जब इस मुद्दे पर सवाल उठाया गया, तो रिटर्निंग अधिकारी ने उनसे सीधे पूछा कि क्या उनके खिलाफ कोई कानूनी नोटिस लंबित है। इस पर उन्होंने ईमानदारी से बताया कि एक नोटिस लंबित है और उन्होंने उसका जवाब भी दे दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला 2025 का है और उस समय का है जब वे एआईसीसी की पर्यवेक्षक नहीं थीं।
उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि तेलंगाना कांग्रेस के किसी नेता ने उनके खिलाफ जानकारी भाजपा को दी थी। उनका कहना था कि भाजपा जानबूझकर साजिश की कहानी फैला रही है ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सके।
मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह सिर्फ एक सीट का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके लिए तेलंगाना से कोई राज्यसभा सांसद इस्तीफा नहीं देने वाला है और उनकी सक्रिय राजनीति आगे भी मध्य प्रदेश में ही जारी रहेगी।