दिल्ली में एनडीएमसी इलाके में रात 8 बजे से ब्लैकआउट शुरू हुआ। इस इलाके में इंडिया गेट, कॉनॉट प्लेस और लुटियंस दिल्ली शामिल है, जिसमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
Blackout: भारत में कई जगहों पर बुधवार को गृह मंत्रालय के आदेश पर मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास किया गया, जिसमें कई शहर अंधेरे में डूब गए। यह अभ्यास पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच युद्ध जैसी आपात स्थिति में नागरिक सुरक्षा और तैयारियों को परखने के लिए था।
दिल्ली में एनडीएमसी इलाके में रात 8 बजे से ब्लैकआउट शुरू हुआ। इस इलाके में इंडिया गेट, कॉनॉट प्लेस और लुटियंस दिल्ली शामिल है, जिसमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
गृह मंत्रालय के आदेश पर मॉक ड्रिल के हिस्से के रूप में गुजरात के सूरत में ब्लैकआउट अभ्यास आयोजित किया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में ब्लैकआउट के बीच आयोजित मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया। वहीं त्रिपुरा में शाम 5:30 से 5:40 बजे तक प्रमुख स्थानों पर ब्लैकआउट किया गया ताकि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्रों की तैयारियों की जांच की जा सके। सबसे पहले निवासियों को चेतावनी देने के लिए सायरन बजाया गया।
हरियाणा के गुरुग्राम में पूरी रात बिजली गुल रहेगी। उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि गुरुग्राम में मॉक ड्रिल के तहत पूरी रात ब्लैकआउट रहेगा, ताकि पूरी तरह से नो-लाइट जोन का अनुभव किया जा सके।
वहीं गृह मंत्रालय द्वारा आदेशित मॉक ड्रिल के तहत लोगों को ब्लैकआउट का अभ्यास करने का संकेत देने के लिए शिमला में सायरन बजाया गया।
मॉक ड्रिल के तहत पटना में राजभवन और मुख्यमंत्री आवास पर ब्लैकआउट किया गया।
भोपाल में मॉक ड्रिल के तहत ब्लैकआउट किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान कई जगहों पर सायरन की तेज आवाज़ भी सुनाई गई। दिल्ली झारखंड, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अभ्यास किया गया।