NCAER पोर्टल न सिर्फ राज्यवार आंकड़ों की तुलना की सुविधा देगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के डेटा से तुलना कर राज्य के प्रदर्शन को समझना भी आसान बनाएगा।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को नई दिल्ली में ‘नीति-एनसीएईआर स्टेट्स इकोनॉमी फोरम’ पोर्टल लॉन्च करेंगी। पोर्टल नीति आयोग और नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की साझेदारी में तैयार किया गया है। इसमें 28 राज्यों का आर्थिक लेखा-जोखा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। पोर्टल में शामिल 1990-91 से 2022-23 तक के आंकड़ों में सामाजिक, आर्थिक और वित्तीय पहलुओं से जुड़े डेटा के साथ शोध रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख और विशेषज्ञों की राय भी उपलब्ध होगी। पोर्टल राज्यों की वित्तीय दशा को समझने के लिए व्यापक और भरोसेमंद स्रोत बनेगा।
पोर्टल पर सभी जरूरी सेक्टोरल डेटा एक ही जगह उपलब्ध होगा। इससे जानकारी जुटाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसमें डेटा को सरल और यूजर-फ्रेंडली फॉर्मेट में पेश किया गया है, ताकि आम लोग, नीति निर्माता और शोधकर्ता इसका इस्तेमाल कर सकें। पोर्टल न सिर्फ राज्यवार आंकड़ों की तुलना की सुविधा देगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के डेटा से तुलना कर राज्य के प्रदर्शन को समझना भी आसान बनाएगा। पोर्टल ऐसा मंच होगा, जहां नीति निर्माताओं और रिसर्चर्स को जानकारी आधारित चर्चाएं और बहस करने में मदद मिलेगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक पिछले 30 साल के सामाजिक, आर्थिक और वित्तीय संकेतकों का व्यापक डेटाबेस पोर्टल पर मौजूद है। यह केंद्रीय सूचना केंद्र के तौर पर काम करेगा, जहां यूजर्स ट्रेंड्स को समझ सकते हैं, उभरते पैटर्न पहचान सकते हैं और विकास के लिए सबूतों के आधार पर नीतियां तैयार कर सकते हैं। रीयल टाइम एनालिटिक्स की मदद से पोर्टल रिसर्च करने वालों के लिए अहम संसाधन साबित होगा।
स्टेट रिपोट्र्स : इसमें देश के 28 राज्यों की इकोनॉमी और राजकोषीय हालत का सारांश दिया गया है। यह रिपोर्ट जनसंख्या, आर्थिक संरचना, सामाजिक-आर्थिक और राजकोषीय आंकड़ों जैसे इंडिकेटर्स पर आधारित है।
डेटा रिपॉजिटरी : यहां यूजर्स को पांच कैटेगरी जनसंख्या, आर्थिक संरचना, राजकोषीय, स्वास्थ्य और शिक्षा में बांटे गए पूरे डेटाबेस तक सीधी पहुंच मिलेगी।
स्टेट फिस्कल एंड इकोनॉमिक डैशबोर्ड : इस सेक्शन में राज्यों से जुड़े जरूरी आर्थिक आंकड़े ग्राफ्स के जरिए दिखाए गए हैं। इसके साथ ही डेटा अपेंडिक्स और समरी टेबल्स के जरिए यूजर को कच्चे डेटा और अतिरिक्त जानकारी भी मिलेगी।
रिसर्च और कमेंट्री : इस हिस्से में राज्यों की वित्तीय दशा और राजकोषीय नीति से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन रिसर्च और विश्लेषण शामिल है।