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Monsoon Session: मेटा की माफी पर सांसद कंगना रनौत का बयान, बोलीं- हम खुश हैं कंपनी ने गलती स्वीकार की

MP Kangana Ranaut Statement On Meta Apology: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में केंद्र सरकार और मेटा के बीच विवाद गहरा गया है। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बैठक में मेटा ने घटना पर खेद जताया, जबकि कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की ओर से भी माफी भेजे जाने की जानकारी सामने आई।
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Aug 06, 2026
monsoon session mp kangana ranaut statement on meta apology
सांसद कंगना रनौत का बड़ा बयान। फोटो सोर्स-IANS

MP Kangana Ranaut Statement On Meta Apology: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में केंद्र सरकार और मेटा (Meta) के बीच विवाद गहरा गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार ने कंपनी को इस मामले में 2 बार नोटिस भेजा। इसके बाद केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई बैठक में मेटा ने घटना पर खेद जताया और कुछ मामलों में माफी भी मांगी। बताया गया कि यह माफी कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग की ओर से भेजी गई है। वहीं इस मामले में सांसद कंगना रनौत का बयान भी सामने आया है।

संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में मेटा द्वारा माफी मांगने पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने कहा कि वह भी उस संसदीय समिति का हिस्सा हैं, जिसके अध्यक्ष निशिकांत दुबे हैं। उन्होंने बताया कि समिति ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया था और मेटा से जवाब के साथ माफी भी मांगी थी।

उन्होंने कहा, '' "हमने यह चिंता भी जताई कि राष्ट्र विरोधी तत्वों और उनकी सामग्री को किस तरह बढ़ावा और प्रचार मिलता है। यह गंभीर विषय है और इस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।" कंगना रनौत ने कहा कि मेटा द्वारा अपनी गलती स्वीकार करना सकारात्मक संकेत है। हम खुश हैं कंपनी ने गलती स्वीकार की।

मार्क जुकरबर्ग ने किन मामलों में मांगी माफी?

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, मार्क जुकरबर्ग ने CSAM (बाल यौन शोषण से संबंधित कंटेंट), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई कमियों को लेकर माफी व्यक्त की। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनी कानूनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं करता है तो उसे इंटरमीडियरी के रूप में मिलने वाले संरक्षण पर सवाल उठ सकते हैं।

Meta ने कंटेंट प्रमोशन को लेकर क्या स्वीकार किया?

सूत्रों के मुताबिक, मेटा ने यह स्वीकार किया कि कुछ विशेष प्रकार के कंटेंट को प्रमोट करने के लिए बड़ी रकम ली गई थी। कंपनी ने यह भी माना कि अवैध कंटेंट को बढ़ावा दिया गया और उसे विशेष ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए पेड प्रमोशन का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में Meta के प्रतिनिधियों को दोबारा भी तलब किया जा सकता है।

ग्लोबल अफेयर्स चीफ ने दिया लिखित बयान

अमेरिका से भारत आए Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कैपलन ने लिखित बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने की घटना पर उन्होंने कंपनी की ओर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह माफी Meta के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की ओर से दी गई है।

गुरुवार को होगी एक और अहम बैठक

सरकारी सूत्रों के अनुसार, Meta के ग्लोबल अधिकारियों को गुरुवार को होने वाली एक और बैठक के लिए भारत में रुकने को कहा गया है। इस बैठक में केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव कंपनी के वैश्विक अधिकारियों और तकनीकी टीम के साथ एक बार फिर चर्चा करेंगे।

23 जुलाई की पोस्ट हटाने पर उठा विवाद

सरकार ने Meta के अधिकारियों को 23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। हटाए गए वीडियो में प्रधानमंत्री छात्रों को संबोधित करते हुए परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा देते नजर आए थे।

सरकार ने पूछा- क्या पैसे लेकर कंटेंट को बढ़ावा देता है Meta?

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने Meta से सीधा सवाल किया कि क्या कंपनी पैसे लेकर कुछ खास तरह के कंटेंट को बढ़ावा देती है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस मुद्दे पर कंपनी से विस्तृत जवाब मांगा।

IT Act की धारा 79 का भी हुआ उल्लेख

बैठक के दौरान सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79 का भी उल्लेख किया। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई प्लेटफॉर्म मध्यस्थ (Intermediary) के रूप में अपनी कानूनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं करता है तो उसे मिलने वाली 'सेफ हार्बर' यानी कानूनी सुरक्षा समाप्त हो सकती है।

Updated on:
06 Aug 2026 01:46 pm
Published on:
06 Aug 2026 01:46 pm
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