
Keya Ghosh (Photo-ANI)
Keya Ghosh on Jamui incident : नई दिल्ली। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी के मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से बिहार सरकार पर सवाल उठाए जाने के बीच भाजपा नेता केया घोष ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी थी और बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।
केया घोष ने कहा कि मामले की जांच शुरू हो चुकी है, इसके बावजूद विपक्ष लगातार इसी मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगी सत्ता में नहीं हैं, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर उसी तरह सवाल नहीं उठाए जाते।
केया घोष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम लेते हुए राजस्थान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और महिलाओं के खिलाफ अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर राज्य लगातार चर्चा में था, तब राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा कहां थे?
केया घोष ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता केवल उन्हीं राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं को लेकर आवाज उठाते हैं, जहां भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकार है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं के दौरान विपक्ष का रवैया अलग रहा और उसने इन मामलों को लेकर उसी तरह विरोध नहीं किया।
केया घोष ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में विरोध का रवैया एक जैसा होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बीजेपी या उसके सहयोगियों की सरकार वाले राज्यों में घटनाओं को मुद्दा बनाता है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज करता है। उन्होंने विपक्ष की इस रणनीति को लेकर कहा कि उसे अपने रवैये पर शर्म आनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमुई घटना पर टिप्पणी को लेकर भी भाजपा नेता केया घोष ने निशाना साधा। उन्होंने ममता बनर्जी के एक पुराने कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने कहा था कि अगर लड़कियां रात 8 बजे के बाद घर से बाहर निकलती हैं और उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
केया घोष ने पश्चिम बंगाल के चर्चित कामदुनी दुष्कर्म मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले के आरोपियों को ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में राहत मिली। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि ममता बनर्जी महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के बारे में बात न ही करें, क्योंकि उनके कार्यकाल में पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के साथ-साथ बाल और मानव तस्करी बहुत ज्यादा हुई है।
Updated on:
22 Sept 2026 04:06 pm
Published on:
22 Sept 2026 03:56 pm
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