स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर किरेन रिजिजू चर्चा की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसका बहुत पछतावा होगा। उन्होंने संवैधानिक पद को कमजोर करने का काम किया है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करेंगे। विपक्ष ने उन पर पक्षापतपूर्व व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कथित तौर पर सदन में बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया।
बीजेपी की तरफ से इस चर्चा में सांसद अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, रविशंकर प्रसाद और भर्तृहरि महताब बात रखेंगे। सूत्रों के मुताबिक, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान भी सत्र को संबोधित करेंगे।
इससे पहले दिन में, किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए चेतावनी दी कि उन्हें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर पछतावा होगा। मीडिया से बातचीत के दौरान रिजिजू ने स्पीकर का बचाव करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव बिना किसी कारण के और सिर्फ एक आदमी की जिद को पूरा करने के लिए लाया गया था। उन्होंने कहा कि BJP सदन में पूरी तरह से जवाब देने के लिए तैयार है और मोशन के हारने का अनुमान लगाया।
किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद के बजट सेशन का दूसरा हिस्सा आज शुरू होने वाला है। दुख की बात है कि इसकी शुरुआत लोकसभा स्पीकर के खिलाफ एक मोशन से हो रही है, जिसे विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी, उन्हें हटाने के लिए लाई है। हम इसका जवाब देंगे, लेकिन कांग्रेस को सोचना चाहिए कि वे संवैधानिक पदों और संवैधानिक गरिमा को कमजोर करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। वे कोर्ट की टिप्पणियों की आलोचना करते हैं। वे चुनाव आयोग की अनदेखी करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसका पछतावा होगा। लोकसभा स्पीकर के खिलाफ बिना किसी कारण और बिना सोचे-समझे, एक आदमी की जिद को पूरा करने के लिए लाए गए प्रस्ताव को हार का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, शिवसेना (UBT) MP प्रियंका चतुर्वेदी ने उम्मीद जताई कि विपक्ष की चिंताएं इस मोशन के साथ स्पीकर तक पहुंचेंगी। उन्होंने ANI से कहा कि स्पीकर की कुर्सी दोनों पार्टियों की होती है। संविधान में यह नियम है कि अगर विपक्ष को लगता है कि चेयर पार्टी के हिसाब से काम कर रही है, तो वह नो-कॉन्फिडेंस मोशन ला सकती है। हमें उम्मीद है कि चेयर तक यह मैसेज जाएगा कि जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी करनी चाहिए।