राष्ट्रीय

मुस्लिम महिलाओं को विरासत में बराबरी का हक, अब सुप्रीम कोर्ट करेगा तय

मुस्लिम महिलाएं संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के समानता के मौलिक अधिकार के तहत उत्तराधिकार में समानता का दावा कर सकती हैं

less than 1 minute read

मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों में अब हर कदम पर इजाफा होता दिखाई दे रहा है। तीन तलाक खत्म होने के बादा अब मुस्लिम महिलाओं के विरासत में हक की बात हो रही है। क्या मुस्लिम महिलाएं संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के समानता के मौलिक अधिकार के तहत उत्तराधिकार में समानता का दावा कर सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट इस मामले का परीक्षण करेगा।

जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच के समक्ष विरासत संबधी एक सिविल अपील पर विचार करते समय यह सवाल उठा तो बेंच ने कहा कि वह उत्तराधिकार से संबंधित विभिन्न कानूनी बिंदुओं के साथ इस मुद्दे का भी परीक्षण करेगा।

अदालत ने महिलाओं को समानता के अधिकार के अलावा परीक्षण के लिए तीन बिंदु तय किए हैं। इनमें मुस्लिम कानून के तहत किसी व्यक्ति को पूरी संपत्ति की वसीयत करने संबंधी बिंदु भी शामिल है। इस मामले में अगली सुनवाई 25 जुलाई को तय की गई है।

Updated on:
19 May 2024 09:19 am
Published on:
19 May 2024 09:16 am
Also Read
View All

अगली खबर