नागपुर में पूर्व महापौर अर्चना के पति विनायक राव डेहनकर ने वार्ड संख्या 17 से टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी से इस्तीफा देकर निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया। इसके बाद पूर्व महापौर पति का घर छोड़कर मायके चली गईं।
महाराष्ट्र में महानगरपालिका के चुनाव में रोज रोचक बातें सामने आ रही हैं। नागपुर में भाजपा की पूर्व महापौर अर्चना के पति विनायक राव डेहनकर ने वार्ड संख्या 17 से टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी से इस्तीफा दे दिया और बगावत कर निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया। इससे दुविधा में फंसी अर्चना डेहनकर पति का घर छोड़कर मायके चली गईं और चुनाव के बाद 15 जनवरी को ही ससुराल लौटेंगी।
इस दौरान वह भाजपा प्रत्याशियों का प्रचार करती रहेंगी। पत्रकारों से बात करते हुए उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि एक तरफ पति और दूसरी तरफ पार्टी, दोनों धर्म उन्हें निभाना है। इसकी वजह से उन्होंने चुनाव तक घर छोड़ने का निश्चय किया है। अर्चना के अनुसार उनके पति इस बात से नाराज हैं कि बीजेपी ने कुछ दिन पहले ही कांग्रेस से आए नेता को टिकट दिया।
महाराष्ट्र की बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं के लिए 9 साल बाद 15 जनवरी को होने वाले चुनाव में शुक्रवार को नाम वापसी का आखिरी दिन है। कुल 2,869 वार्डों पर होने वाले चुनाव में महायुति ने कल्याण-डोंबिवली, धुले, पनवेल, भिवंडी, जलगांव व अहिल्यानगर मनपा में 15 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है।