Namo Drone Didi Yojana: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ड्रोन के उपयोग से महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2023 से ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना लागू की। इसका उद्देश्य ड्रोन के जरिए खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करना सिखाना है।
Namo Drone Didi Yojana: बनासकांठा की 'ड्रोन दीदी' के नाम से चर्चित आशा बेन ने पढ़ी लिखी महिलाओं के लिए स्व रोजगार से पैसा कमाने के क्षेत्र में अच्छा उदाहरण प्रस्तुत किया है। डीसा तहसील के तालेपुरा गांव की रहने वालीं 31 वर्षीय मेकेनिकल इंजीनियर आशा ने सरकार से प्रशिक्षण प्राप्त कर आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन की मदद से कीटनाशक के छिड़काव का काम शुरू किया। अब वह छह महीने में एक लाख रूपए से अधिक की कमाई कर रहीं हैं।
आशा ने बताया कि ड्रोन से कीटनाशकों के छिड़काव से समय और पैसे दोनों की बचत होती है। दवाई और पानी की मात्रा कम रहती है। छिड़काव उचित तरीके से होता है। एक ड्रोन सात मिनट के भीतर एक एकड़ क्षेत्र में छिड़काव कर सकता है। ड्रोन से छिड़काव कराने वाले किसानों का आई-खेड़ूत पोर्टल पर पंजीकरण किया जाता है।
'ड्रोन दीदी' को अब सुरेन्द्रनगर और अहमदाबाद से भी किसानो के लगातार फोन आ रहे हैं। आशापुरी सखी मंडल संचालित करने वाली आशा बेन कई अन्य सखी मंडलों के माध्यम से आसपास की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ड्रोन के उपयोग से महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2023 से ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना लागू की। इसका उद्देश्य ड्रोन के जरिए खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करना सिखाना है। इसके तहत 10 से 15 गांवों की स्वयं समूहों की महिलाओं को एक साथ प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें ड्रोन चलाने का 15 दिवसीय प्रशिक्षण भी शामिल है। आशा ने भी इसी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया था।