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नेपाल में आज राष्ट्रीय शोक, दिन भर आधा झुका रहेगा ध्वज, देश भर में छुट्टी

Nepal Gen Z Protest: नेपाल की अंतरिम सरकार ने मृतक युवाओं के सम्मान और श्रद्धांजलि के लिए आज पूरे देश में राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और देशभर में सरकारी तथा सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

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Sep 17, 2025
नेपाल में आज राष्ट्रीय शोक (IANS)

Gen Z Protest: नेपाल की अंतरिम सरकार ने हाल ही में हुए Gen-Z आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले युवाओं के सम्मान में आज पूरे देश में राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और देशभर में सरकारी तथा सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह फैसला नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की (Sushila Karki) की कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया था, जो देश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सोशल मीडिया बैन पर भड़के Gen-Z

Gen-Z आंदोलन, जो 7 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ था, जल्द ही भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक उदासीनता जैसे मुद्दों पर व्यापक जनाक्रोश में बदल गया। 8 और 9 सितंबर को हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 72 युवा प्रदर्शनकारी मारे गए, जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। सुशीला कार्की ने 14 सितंबर को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और तत्काल शोक दिवस की घोषणा की।

मृतक प्रदर्शनकारियों को "शहीद" का दर्जा

कैबिनेट बैठक के बाद गृहमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने बताया कि मृतक प्रदर्शनकारियों को "शहीद" का दर्जा दिया जाएगा। प्रत्येक शहीद परिवार को 15 लाख नेपाली रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा, जो पहले घोषित 10 लाख से बढ़ाया गया है। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च-स्तरीय न्यायिक आयोग गठित करने का फैसला भी लिया गया।

ये सब रहेगा बंद

सरकारी आदेश के अनुसार, आज सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और संस्थान बंद रहेंगे, जबकि राष्ट्रीय ध्वज सभी सरकारी भवनों, दूतावासों और विदेशी मिशनों में आधा झुकाया जाएगा।

मृतक युवाओं के लिए श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री कार्की ने अपने पहले राष्ट्रिय संबोधन में कहा, "यह शोक का दिन न केवल खोए हुए युवाओं को श्रद्धांजलि है, बल्कि नेपाल के भविष्य के लिए एक प्रतिबद्धता भी है। हम भ्रष्टाचार मुक्त शासन और युवाओं की आवाज को सुनने के लिए कटिबद्ध हैं।" राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला नई सरकार की लोकप्रियता बढ़ाने और आंदोलन की आग को शांत करने में सहायक सिद्ध होगा।

Published on:
17 Sept 2025 09:47 am
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