National Pension Scheme: रिपोर्ट के अनुसार, NPS फंड ने समान कैटेगरी में म्यूचुअल फंडों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, क्योंकि इसमें उद्योग में सबसे कम फंड प्रबंधन शुल्क 0.09% वार्षिक है, जबकि सबसे किफायती म्यूचुअल फंड के लिए यह शुल्क 1-1.5% है
National Pension Scheme: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट 2025 में घोषणा की कि 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को आयकर से छूट दी जाएगी। हालांकि, वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए यह कर-मुक्त सीमा, मानक कटौती (Standard Deduction) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) निवेश को ध्यान में रखते हुए बढ़ाई जा सकती है।
मानक कटौती (Standard Deduction) 75,000 रुपये है। बता दें कि मानक कटौती को जब NPS योगदान के माध्यम से लगभग 96,000 रुपये के साथ जोड़ दिया जाता है, तो प्रति वर्ष 13.7 लाख रुपये तक की राशि को कर से छूट (Tax Exempt) दी जा सकती है। सेक्शन 80CDC(2) NPS में निवेश किए गए मूल वेतन का 10% तक और केंद्रीय कर्मचारियों को 14% तक कर कटौती की अनुमति देता है। 50% (₹ 6.85 लाख) की बेसिक सैलरी के साथ ₹ 13.7 लाख की सालाना आय के लिए , 14% पर NPS योगदान ₹ 95,900 होगा। इसे ₹ 75,000 के मानक कटौती के साथ जोड़ने पर , पूरे ₹ 13.7 लाख पर कर देयता समाप्त हो जाएगी।
हालांकि, यह तभी संभव है जब नियोक्ता कंपनी को लागत के हिस्से के रूप में NPS लाभ प्रदान करता है। कर्मचारी इसे स्वयं नहीं चुन सकते। रिपोर्ट के अनुसार, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि लगभग एक दशक से अस्तित्व में रहने के बावजूद केवल 2.2 मिलियन व्यक्तियों ने ही इस योजना के लिए नामांकन कराया है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि NPS की विस्तारित लॉक-इन अवधि तथा परिपक्वता पर निकासी की सीमाएं कई निवेशकों को हतोत्साहित करती हैं। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति से पहले निकासी भी असाधारण परिस्थितियों तक ही सीमित है।
इसके अलावा, परिपक्वता पर केवल 60% राशि ही निकाली जा सकती है, जबकि 40% राशि को आजीवन पेंशन के लिए वार्षिकी में निवेश करना होगा। हालांकि, इसके कुछ फायदे भी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, NPS फंड ने समान कैटेगरी में म्यूचुअल फंडों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, क्योंकि इसमें उद्योग में सबसे कम फंड प्रबंधन शुल्क 0.09% वार्षिक है, जबकि सबसे किफायती म्यूचुअल फंड के लिए यह शुल्क 1-1.5% है।