NCET 2024: नई शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (एनसीटीई) ने इस साल से देश में चार वर्षीय बीए बीएड और बीएससी बीएड पाठ्यक्रम के स्थान पर आइटीईपी लागू किया है, जो कॉमर्स, आट्र्स, साइंस तीनों विषयों में होगा। यह भी चार वर्ष का है।
NCET-2024: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पहली बार चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीईपी) में प्रवेश के लिए बुधवार को देश में परीक्षा का आयोजन किया। अखिल भारतीय स्तर पर नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एनसीइटी-2024) का समय दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन निर्धारित रहा। यह टेस्ट लेकिन फेल हो गया। जोधपुर सहित अधिकांश शहरों के परीक्षा केंद्रों पर एनटीए के सर्वर में तकनीकी खामी की वजह से परीक्षा शुरू नहीं हो सकी।
गणित का पर्चा तो शाम 5 बजे तक ओपन नहीं हुआ। बायोलॉजी, कॉमर्स और आट्र्स विषय के प्रश्न पत्र आधे घंटे के लिए खुले। छात्र-छात्राएं तीन घंटे परीक्षा केंद्र पर व्यर्थ बैठे रहे। आखिर उन्हें पांच बजे छोड़ दिया गया। देश के 160 शहरों के 292 परीक्षा केंद्रों पर एनसीईटी की परीक्षा में 29 हजार परीक्षार्थी बैठे थे। देशभर से शिकायतें मिलने के बाद एनटीए ने शाम 5 बजे ही आपात बैठक की, जिसके बाद एनटीए ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। परीक्षा की नई तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।
बीए बीएड व बीएससी बीएड की जगह आईटीईपी
नई शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (एनसीटीई) ने इस साल से देश में चार वर्षीय बीए बीएड और बीएससी बीएड पाठ्यक्रम के स्थान पर आइटीईपी लागू किया है, जो कॉमर्स, आट्र्स, साइंस तीनों विषयों में होगा। यह भी चार वर्ष का है। आइटीईपी पाठ्यक्रम केंद्रीय, राज्य व निजी विवि के अलावा आइआइटीज में भी शुरू किया जा रहा है। आइआइटी जोधपुर में इस साल से 4 वर्षीय बीएससी बीएड शुरू की गई है, जिसमें 50 सीटें हैं।
एनसीईटी-2024 परीक्षा