NEET PAPER LEAK: पटना में जो जली हुई प्रश्न पत्र की जो बुकलेट मिली थी, उसकी जांच से बिहार पुलिस को पता चला है कि नीट का पेपर सबसे पहले झारखंड के हजारीबाग के एक सेंटर से लीक हुआ है
NEET PAPER LEAK: नीट 'पेपर लीक' मामले में बिहार ईओयू की टीम ने झारखंड के देवघर से छह आरोपितों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी आरोपी बिहार के नालंदा के रहने वाले हैं। ये सभी देवघर एम्स के पास देवीपुर थाना क्षेत्र में एक कमरा में मजदूर बनकर रह रहे थे। इनमें एक का नाम चिंटू है। देवघर पुलिस के अनुसार देवीपुर थाना पुलिस के सहयोग से झुनु सिंह के मकान में बिहार ईओआई टीम ने छापेमारी कर इन छह लोगों को हिरासत में लिया है। दरअसल, पटना में जो जली हुई प्रश्न पत्र की जो बुकलेट मिली थी, उसकी जांच से बिहार पुलिस को पता चला है कि नीट का पेपर सबसे पहले झारखंड के हजारीबाग के एक सेंटर से लीक हुआ है। इस बीच, बिहार ईओयू की टीम ने 14 जून तक की अपनी जांच रिपोर्ट केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को सौंप दी है।
32 लाख में खरीदकर 40 लाख में बेचा
नीट पेपर लीक के आरोपी सिकंदर यादवेंद्र ने अपने कबूलनामे में खुलासा किया कि उसने 32 लाख रुपए में अमित आनंद और नीतीश कुमार से पेपर खरीदा था। उसने समस्तीपुर के अनुराग यादव, दानापुर पटना के आयुष कुमार, गया के शिवनंदन कुमार और रांची के अभिषेक कुमार को पेपर 40-40 लाख रुपए में बेचा था। पटना के रामकृष्णा नगर में नीट परीक्षा से एक रात पहले 4 मई को पेपर इन चारों अभ्यर्थियों को रातभर रटवाया गया था।
संजीव मुखिया की तलाश जारी
नीट पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया उर्फ लूटन की तलाश में अभी भी पुलिस जुटी हुई है। संजीव मुखिया का बेटा शिव कुमार पहले से ही बीपीएससी पेपर लीक मामले में जेल में बंद में है। नीट पेपर लीक मामले में अब तक बिहार में 13 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस को शक है कि संजीव मुखिया के तार नीट परीक्षा लीक मामले से भी जुड़े हुए हैं। क्योंकि वो नीट परीक्षा के बाद से फरार है। बीते 20 सालों में अनेक परीक्षाओं को लीक कराने में उसका नाम सामने आ चुका है। वह पहले भी जेल जा चुका है।
शिक्षा मंत्री करेंगे समीक्षा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान को दिल्ली बुलाया है। वह एडीजी और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा करेंगे। यह बैठक 25 जून को संभावित है। समझा जाता है कि उसके बाद ही नीट-2024 परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार कोई फैसला लेगी। नीट और यूजीसी-नेट की परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर इस समय बहस छिड़ी हुई है और मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।