NEET UG Paper Leak 2026: नीट पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि 65 लाख रुपए में पेपर का सौदा तय हुआ था और 40 लाख रुपए एडवांस दिए गए थे। CBI अब पूरे संगठित नेटवर्क की जांच कर रही है।
NEET UG Paper Leak 2026 Updates:नीट पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि राजस्थान एसओजी ने जहां पेपर लेने वाले 167 परीक्षार्थियों को चिह्नित कर पूछताछ की, वहीं जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआइ एक भी अभ्यर्थी को साथ नहीं ले गई। एसओजी की पकड़ में आए करीब आठ अभ्यर्थियों से सीबीआइ ने लगभग 20 घंटे पूछताछ की, लेकिन बाद में सभी को छोड़ दिया।
जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार पेपर केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि सैकड़ों छात्रों तक पहुंचा था। ऐसे में मामला अब केवल नकल या गैंग संचालन तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि संगठित नेटवर्क और बड़ी साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पेपर उपलब्ध कराने के बदले गैंग ने जमवारामगढ़ निवासी कथित मास्टरमाइंड दिनेश बिंवाल से 80 लाख रुपए मांगे थे। बाद में 65 लाख रुपए में सौदा तय हुआ और 40 लाख रुपए अग्रिम दिए गए। पुलिस गिरफ्त में आए दिनेश और उसके भाई मांगीलाल से पूछताछ में यह खुलासा हुआ। दोनों से मिली जानकारी के बाद जांच एजेंसियों को नेटवर्क के कई राज्यों तक फैले होने की आशंका है। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि भौतिक विज्ञान का पेपर नहीं मिलने पर कई अभ्यर्थियों ने गैंग को भुगतान नहीं किया। इसके बाद गिरोह 2027 की नीट परीक्षा के लिए ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश में जुट गया था, जो पहले से रकम देने को तैयार हों। इससे अंदेशा हैं कि गिरोह केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं था, भविष्य की परीक्षाओं को भी निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि नीट पेपर लीक प्रकरण में लीक कई स्तरों पर हुआ हो सकता है। शुरुआती जांच में पेपर प्रिंटिंग प्रेस, प्रश्नपत्र तैयार करने वाली टीम या सिस्टम और परीक्षा केंद्र स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत की संभावना जताई गई है। एजेंसियां इन सभी एंगल से जांच कर रही हैं।