राष्ट्रीय

NHRC Punjab Schools Notice: पंजाब के सरकारी स्कूलों में तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया? NHRC ने मांगी पूरी रिपोर्ट, अब होगी जांच

Independence Day 2026 Punjab: कहीं तिरंगा नहीं फहराया गया, तो कहीं बच्चों की देशभक्ति और नागरिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां ही नहीं हुईं, शिकायत ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव से स्कूलवार और जिलेवार जानकारी मांगी है। अब यह पता लगाया जाएगा कि आखिर किन इलाकों के बच्चे इन गतिविधियों से वंचित रहे और क्यों।
5 min read
Aug 19, 2026
NHRC Punjab Schools Notice
NHRC Punjab Schools Notice :पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस पर सवाल, NHRC ने सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट (फोटो सोर्स:@NHRC)

Punjab Government Schools Independence Day: पंजाब के सरकारी स्कूलों में इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर उठे सवाल अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गए हैं। आयोग ने 18 अगस्त 2026 को पंजाब सरकार से विस्तृत Action Taken Report यानी कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। शिकायत में आरोप है कि राज्य के कुछ सरकारी स्कूलों, खासकर ग्रामीण, दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में 15 अगस्त से जुड़ी गतिविधियां अपेक्षित तरीके से नहीं हुईं। मामला अब सिर्फ ध्वजारोहण तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों को समान शैक्षणिक और नागरिक अवसर मिलने के सवाल से जुड़ गया है।

NHRC Punjab Schools Notice: शिकायत से NHRC तक पहुंचा मामला

NHRC के समक्ष 17 अगस्त 2026 को एक शिकायत/सूचना रखी गई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि पंजाब के कई सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन उस तरीके से नहीं हुआ, जैसा संबंधित सरकारी निर्देशों और शैक्षणिक उद्देश्यों के अनुरूप होना चाहिए था।

आयोग ने 18 अगस्त को इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भी पत्र भेजा। आयोग ने साफ किया कि पूरे मामले की जांच केवल किसी एक समारोह के आयोजन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को समान नागरिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक अवसर मिले या नहीं।

सिर्फ झंडा फहराने का मामला नहीं

NHRC के पत्र में यह महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों को केवल औपचारिक कार्यक्रम मानकर नहीं देखा जा सकता। आयोग के अनुसार ऐसे आयोजनों के जरिए बच्चों को देश के स्वतंत्रता संग्राम, संविधान, मौलिक कर्तव्यों, राष्ट्रीय प्रतीकों और नागरिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का अवसर मिलता है।

शिकायत में आरोपित स्थिति के संदर्भ में आयोग ने सवाल उठाया कि यदि किसी सरकारी स्कूल में ऐसी गतिविधियां नहीं होती हैं, तो क्या वहां पढ़ने वाले बच्चों को दूसरे स्कूलों के विद्यार्थियों के समान अवसर मिल रहा है?

ग्रामीण और सीमावर्ती स्कूलों पर खास नजर

मामले का एक अहम पहलू पंजाब के ग्रामीण, दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में स्थित सरकारी स्कूल हैं। NHRC ने खास तौर पर यह पता लगाने को कहा है कि क्या भौगोलिक दूरी, प्रशासनिक पहुंच, संसाधनों की कमी या बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं के कारण इन स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम प्रभावित हुए।

आयोग ने पंजाब सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि यदि किसी जिले या क्षेत्र में ऐसी असमानता सामने आती है तो उसकी वजह क्या थी क्या शिक्षकों या अधिकारियों की कमी थी, संसाधन उपलब्ध नहीं थे, निगरानी कमजोर रही या कोई अन्य प्रशासनिक कारण सामने आया।

पंजाब सरकार से मांगी गई स्कूलवार जानकारी

NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव को व्यापक सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में राज्यभर के सरकारी स्कूलों की संख्या और 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस मनाने वाले स्कूलों का विवरण मांगा गया है।

इसके अलावा आयोग ने यह जानकारी भी मांगी है कि:

  • कितने स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
  • कितने स्कूलों में राष्ट्रगान और संबंधित गतिविधियां हुईं।
  • कितने विद्यार्थियों ने कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
  • राज्य सरकार या स्कूल शिक्षा विभाग ने कौन-कौन से निर्देश जारी किए थे।
  • इन निर्देशों की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।
  • जिन स्कूलों में निर्देशों का पालन नहीं हुआ, वहां क्या कार्रवाई की गई।

यानी अब सरकार को सामान्य जवाब देने के बजाय स्कूलवार और जिलेवार तथ्य सामने रखने होंगे।

दूरदराज के बच्चों को लेकर भी उठे सवाल

आयोग ने विशेष तौर पर यह जांचने को कहा है कि शहरी और ग्रामीण स्कूलों, आसानी से पहुंच वाले और दूरस्थ स्कूलों तथा सामान्य और सीमावर्ती क्षेत्रों के स्कूलों के बीच कोई व्यवस्थित अंतर तो नहीं रहा।

NHRC ने यह भी पूछा है कि अगर किसी क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी गतिविधियां नहीं हुईं, तो क्या वहां के बच्चों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों, नागरिक जिम्मेदारियों और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने के समान अवसर मिले?

यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ऐसी गतिविधियां केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के व्यापक अनुभव का हिस्सा हो सकती हैं।

RTE Act की धारा 29(2) का भी हवाला

आयोग ने अपने पत्र में Right to Education Act, 2009 की धारा 29(2) का उल्लेख किया है। इस कानून में पाठ्यक्रम और मूल्यांकन से जुड़े प्रावधानों में संविधान में निहित मूल्यों तथा बच्चे के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया है।

NHRC ने इसी व्यापक शैक्षणिक दृष्टिकोण के संदर्भ में पूछा है कि राष्ट्रीय पर्वों से जुड़ी गतिविधियों को इस तरह आयोजित किया जाना चाहिए कि बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता, नागरिक जिम्मेदारियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बारे में सार्थक अनुभव मिल सके।

Flag Code में स्कूलों की भी भूमिका

राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से जुड़े नियमों के लिए गृह मंत्रालय की ओर से Flag Code of India, 2002 लागू है। मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि Flag Code में शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार कोई शैक्षणिक संस्थान राष्ट्रीय ध्वज को सभी दिनों और अवसरों पर गरिमा और सम्मान के अनुरूप प्रदर्शित कर सकता है। ध्वज के प्रदर्शन से जुड़े नियम Flag Code और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 से भी जुड़े हैं।

यही वजह है कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन से जुड़ा सवाल केवल स्थानीय प्रशासन का विषय नहीं रह जाता।

केंद्र से भी मांगा जवाब

NHRC ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से भी इस मामले पर रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने यह जानना चाहा है कि स्वतंत्रता दिवस 2026 के लिए सरकारी स्कूलों को क्या दिशानिर्देश जारी किए गए थे और बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाने को कहा गया था।

वहीं गृह मंत्रालय को भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई पर विचार करने के लिए कहा गया है। गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर Flag Code के पालन और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े नियमों के अनुपालन संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।

चार हफ्ते में देनी होगी रिपोर्ट

अब पंजाब के मुख्य सचिव को पूरे मामले की व्यापक रिपोर्ट तैयार कर NHRC को भेजनी होगी। आयोग ने रिपोर्ट को दस्तावेजी प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करने और पत्र प्राप्त होने के चार सप्ताह के भीतर इसे जमा करने को कहा है।

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट करना होगा कि यदि किसी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम अपेक्षित तरीके से नहीं हुआ, तो इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था और संबंधित अधिकारियों ने क्या कदम उठाए।

अब असली सवाल-कितने स्कूल छूटे और क्यों?

NHRC की कार्रवाई ने पूरे मामले को एक बड़े सवाल में बदल दिया है। स्वतंत्रता दिवस पर किसी स्कूल में कार्यक्रम हुआ या नहीं, इसका जवाब अब केवल प्रशासनिक खानापूर्ति से नहीं चलेगा। सरकार को यह बताना होगा कि कहां कार्यक्रम नहीं हुआ, क्यों नहीं हुआ, कितने बच्चे प्रभावित हुए और जिम्मेदारी किसकी थी।

खासकर ग्रामीण, दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों के स्कूलों को लेकर सामने आने वाली जानकारी इस मामले की दिशा तय कर सकती है। अगर रिपोर्ट में क्षेत्रीय असमानता सामने आती है, तो यह केवल एक दिन के कार्यक्रम की कमी नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बच्चों को मिलने वाले अवसरों की समानता पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगी।

फिलहाल गेंद पंजाब सरकार के पाले में है। चार सप्ताह के भीतर आने वाली रिपोर्ट बताएगी कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में वास्तव में कहां और कितनी कमी रही। और उसके लिए जिम्मेदार कौन था।

Updated on:
19 Aug 2026 09:23 am
Published on:
19 Aug 2026 09:20 am
Also Read
View All
FDA के आयुक्त तुकाराम मुंडे को CM फडणवीस का ‘फ्री-हैंड’ बोले-जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं सहेंगे, जारी रहेगी कार्रवाई

Tamil Nadu MLAs Government Car: तमिलनाडु में CM विजय का बड़ा ऐलान: हर MLA को सरकारी गाड़ी, दूध किसानों से लेकर मरीजों तक को राहत

अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के ऑफर पर दिया जवाब, बोले- ‘अभी एक महीने पहले तुम्हारे लिए एंटी नेशनल था’

44 भर्ती परीक्षाएं रद्द, अब बनेगा फास्ट ट्रैक कोर्ट, झारखंड सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में किया बदलाव

Kolkata Hotel Fire: कोलकाता होटल अग्निकांड में 9 की मौत, मासूम भी शामिल; मेडिकल इलाज के लिए आए थे बांग्लादेशी नागरिक