19 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

FDA के आयुक्त तुकाराम मुंडे को CM फडणवीस का ‘फ्री-हैंड’ बोले-जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं सहेंगे, जारी रहेगी कार्रवाई

महाराष्ट्र में खाद्य मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे की सख्त कार्रवाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनस्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
2 min read
Google source verification

भारत

image

kamlesh sharma

Aug 19, 2026

Tukaram Mundhe Devendra Fadnavis

Tukaram Mundhe Devendra Fadnavis (Photo ANI-IANS)

मुंबई। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंडे द्वारा मिलावटखोरों और नियम तोड़ने वाले बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान को लेकर राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मुंडे की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उनके समर्थन में उतर आए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ कर दिया है कि जनस्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह कार्रवाई रुकने वाली नहीं है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि एफडीए द्वारा की जा रही कार्रवाई बेहद सराहनीय है। यदि खाने में मिलावट पाई जाती है या खाद्य सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन होता है, तो यह सीधे तौर पर आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है। मुंडे को पूरी छूट देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

नामचीन रेस्टोरेंट्स से लेकर बॉलीवुड सितारे तक निशाने पर

गौरतलब है कि मई में एफडीए आयुक्त का पदभार संभालने के बाद से ही आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे एक्शन मोड में हैं। उनकी टीमों ने राज्यभर में ताबड़तोड़ छापे मारे हैं। इस कार्रवाई की जद में बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स, क्लब, ग्लोबल फास्ट-फूड चैन, लोकप्रिय कैफे, आइसक्रीम पार्लर और डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के बड़े गोदाम तक आए हैं। कई जगह तो लाइसेंस निलंबित करने और माल जब्त करने की कड़ी कार्रवाई की गई है।

हाल ही में मुंडे उस वक्त एक बार फिर सुर्खियों में आ गए, जब उन्होंने 'विमल इलायची' के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। एफडीए का तर्क है कि यह प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला का सेरोगेट विज्ञापन है। अभिनेताओं को 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। तुकाराम मुंडे ने कहा कि ऐसी कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 में बना था और विज्ञापन से जुड़े नियम 2018 में आए, जिन्हें जुलाई 2019 से लागू किया गया। अगर इसके बाद भी ऐसे विज्ञापन प्रसारित हो रहे हैं, तो कार्रवाई में देरी जरूर हुई है, लेकिन अब हम नियमानुसार उचित और सख्त कदम उठा रहे हैं।

सख्त रवैये पर कोर्ट की टिप्पणी

कार्रवाई के इस कड़े रवैये की जहां आम जनता तारीफ कर रही है, वहीं व्यापारिक वर्ग और प्रतिष्ठानों में हड़कंप है। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने मुंडे के सख्त रुख पर मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि मच्छर मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल न करें।