- अभियुक्तों ने कर्नाटक के बेल्लारी में किया था आईइडी (IED) के ज़रिए टेस्ट ब्लास्ट
अनुराग मिश्रा! नई दिल्ली: देश के 50 अलग अलग ज़िलों में आईएसआईएस के इशारे पर आतंकी नेटवर्क फैलाने और स्लीपर सेल गठित करने के 7 आरोपियों के ख़िलाफ़ कोर्ट में चार्जशीट दाख़िल कर दी गई।राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने सातों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ पुख़्ता सबूतों के साथ चार्जशीट दाख़िल की है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को जाँच में पता चला था कि यह सातों अभियुक्त कर्नाटक के बेल्लारी में आईइडी के ज़रिये टेस्ट ब्लास्ट को भी अंजाम दे चुके हैं।
-कर्नाटक,महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली से जुड़े हैं आतंकियों के ताप
पकड़े गए सातों अभियुक्तों में से छः ने ISIS के इशारे पर ब्याथ यानी जिहाद की क़सम भी खाई थी। इन सभी को सह अभियुक्त मोहम्मद सुलेमान उर्फ़ मिनाज ने शपथ दिलायी थी।मिनाज के अलावा इस मामले में मोहम्मद मुनीरउद्दीन, सैयद समीर, मोहम्मद मुजम्मिल भी ख़तरनाक साज़िश को अंजाम दे रहे थे। ये तीनों कर्नाटक के रहने वाले हैं। जबकि अनास इक़बाल शेख़ महाराष्ट्र का और मोहम्मद शाहबाज़ उर्फ़ ज़ुल्फ़िकार झारखंड का और सैयद रहमान उर्फ़ हुसैन दिल्ली का रहने वाला है।
-साल 2025 तक भारत में हिंसा की बड़ी वारदातों को अंजाम देने की थी साज़िश
अन्वेषण अभिकरण को जाँच में यही पता चला था कि ये सातों अभियुक्त भटके हुए नौजवानों को गुमराह करके, आतंकी नेटवर्क में शामिल करते थे। उन्हें देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भड़काया जाता था। सभी आरोपी, भारत में आईएसआईएस की बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने और देश में जिहादी गतिविधियों को अंजाम देने की ख़तरनाक साज़िश को अमलीजामा पहनाने की कोशिश कर रहे थे ।इन सातों ने क़रीब से ज़्यादा बड़े स्लीपर सेल्स साल 2025 तक बनाने का लक्ष्य रखा था।
-अभियुक्तों के ठिकानों से मिले थे विस्फोटक पदार्थ ख़तरनाक हथियार और आपत्तिजनक दस्तावेज़
सातों के पकड़े जाने के बाद राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने इनके ठिकानों से बड़े पैमाने पर विस्फोटक पदार्थ और ख़तरनाक हथियार बरामद किए। इसके अलावा कई डिजिटल डिवाइस आपत्तिजनक दस्तावेज़, आईएसआईएस के युवाओं को भड़काने से जुड़े दस्तावेज़, फिदायीन हमलों के अंजाम देने के तरीक़ों से जुड़ी किताब के साथ साथ कई अन्य ख़तरनाक सामग्री बरामद किया था।