
Myanmar Terror Training Camp Case: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला म्यांमार से जुड़े आतंकी साजिश और ट्रेनिंग कैंप से संबंधित है। एजेंसी ने फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत चार्जशीट दाखिल की है, जो भारत में अवैध रूप से घुसने, घूमने और रहने से जुड़े नियमों के उल्लंघन से संबंधित है। हालांकि, इस शुरुआती चार्जशीट में गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप शामिल नहीं हैं। कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने और विचार करने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।
NIA के अनुसार, यह मामला विदेशी नागरिकों द्वारा भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने की साजिश के आधार पर दर्ज किया गया था। सभी आरोपियों को पहले मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था। जांच से पता चला कि मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक वैध वीजा पर भारत आए थे। इसके बाद, नियमों का उल्लंघन करते हुए, वे पूर्वोत्तर में मिजोरम के संरक्षित क्षेत्र में गए और सीमा पार करके म्यांमार चले गए।
जांच एजेंसी का आरोप है कि म्यांमार पहुंचने पर आरोपियों ने सक्रिय जातीय विद्रोही समूहों से संपर्क किया। आरोप है कि उन्होंने न केवल म्यांमार में ट्रेनिंग ली, बल्कि भारत में सक्रिय उग्रवादी संगठनों से जुड़े जातीय समूहों को हथियार और युद्ध संबंधी ट्रेनिंग भी दी। इसके अलावा, इन विदेशी नागरिकों पर यूरोप से भारत होते हुए म्यांमार तक ड्रोन की एक बड़ी खेप ले जाने के आरोप भी हैं।
NIA ने स्पष्ट किया है कि म्यांमार स्थित आतंकी गुर्गों और आतंकी फंडिंग के साथ आरोपियों के संबंधों की जांच अभी चल रही है। मौजूदा चार्जशीट में फॉरेनर्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं, जो समझौता-योग्य श्रेणी में आती हैं। जांच एजेंसी ने कहा कि अगर आगे की जांच में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकी अपराधों की पुष्टि होती है, तो कोर्ट में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी। राउज एवेन्यू कोर्ट अब इस चार्जशीट पर अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को करेगी।