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Nishant Join JDU: निशांत के सियासी डेब्यू से वंशवाद की राजनीति वाली कतार में शामिल हुए नीतीश, कभी लगाते थे लालू पर परिवारवाद का आरोप

Nishant Join JDU: कभी नीतीश कुमार लालू यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाते थे। बीते रविवार को उनके बेटे ने सियासत में एंट्री ले ली है। नीतीश बिहार के नौवें ऐसे सीएम बन गए, जिनके बेटे ने राजनीतिक पारी का आगाज किया है।

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Mar 09, 2026
नीतीश कुमार, निशांत कुमार (फोटो- Bihari Man एक्स पोस्ट)

Nishant Join JDU: साल भर की अटकलबाजी के बाद जदयू अध्यक्ष व बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आखिरकार पार्टी में शामिल हो गए। इसके साथ ही, नीतीश बिहार के नौवें ऐसे सीएम बन गए, जिनके बेटे ने राजनीतिक पारी का आगाज किया है। नीतीश से पहले लालू यादव, दारोगा प्रसाद राय, जगन्नाथ मिश्र, भागवत झा आजाद, जीतन राम मांझी, कर्पूरी ठाकुर, सत्येंद्र नारायण सिन्हा के बेटे राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं। हालांकि, यह कहानी सिर्फ बिहार भर की नहीं है, देश में भी कई ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं, जिनके बेटे और बेटियों ने सियासत में हाथ आजमाया है। इनमें से कुछ पास हुए और कुछ को जनता ने नकार दिया।

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क्षेत्रीय दलों की कमान दूसरी पीढ़ी के हाथ में

निशांत कुमार के जदयू की सदस्यता ग्रहण करने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही पार्टी की कमान उन्हें सौंप दी जा सकती है। वहीं, राजद का नेतृत्व पूर्व सीएम लालू यादव के बेटे, लोजपा की कमान पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास के बेटे चिराग और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी की कमान उनके बेटे व बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन के हाथ में है। वहीं, रालोम चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने भले ही अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिहार सरकार में मंत्री बनाया हो, लेकिन पार्टी की कमान नहीं दी है।

नीतीश करते रहे परिवारवाद का विरोध, अब बेटा पार्टी में शामिल

नीतीश कुमार लगातार परिवारवाद का विरोध करते रहे। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने लालू परिवार पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि इ लोग (लालू यादव और राबड़ी देवी) ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया। सिर्फ अपने परिवार के लिए किया। अब उनके बेटे निशांत के ऊपर पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आ गई है। निशांत लंबे समय से राजनीति से दूर रहे हैं। उन्होंने विवाह नहीं किया। उनका झुकाव आध्यात्म की ओर रहा है।

पूर्व सीएम लालू और पूर्व सीएम राबड़ी के बेटे व बेटी राजनीति में

लालू-राबड़ी के दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव राजनीति में हैं। तेजस्वी बिहार के डिप्टी सीएम रह चुके हैं। वह वर्तमान में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप भी सक्रिय राजनीति में हैं। वह बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनकी बेटी मीसा भारती पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से सांसद हैं।

पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री जीतन राम के बेटे संतोष भी राजनीति में

पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी भी राजनीति में सक्रिय हैं। संतोष हम (सेक्युलर) के अध्यक्ष भी हैं। वह वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2014 हारने के बाद नीतीश ने सीएम पद छोड़ दिया और जीतन राम मांझी को सीएम बनाया था। हालांकि 9 महीने बाद ही मांझी को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद उन्होंने हिदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) नाम की पार्टी बनाई थी।

पूर्व सीएम दारोगा राय प्रसाद के बेटे चंद्रिका भी सक्रिय राजनीति में

पूर्व सीएम दारोगा राय प्रसाद के बेटे चंद्रिका राय भी सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने अपनी सियासी पारी की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन 1990 में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर वह निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते। 1995 में जनता दल से, फिर RJD के टिकट पर पांच चुनाव लड़े। चंद्रिका राय अभी जदयू में हैं।

पूर्व सीएम रामसुंदर दास के बेटे संजय कुमार बने विधायक

पूर्व सीएम रामसुंदर दास के बेटे संजय कुमार विधायक बने। हालांकि, वह अपने पिता की तरह सियासत में बड़ा मुकाम पाने में असफल रहे।

पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ केंद्र में मंत्री

बिहार के पूर्व सीएम व भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर भी सियासत में हैं। वह वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। वह बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में गन्ना मंत्री बने थे।

पूर्व सीएम भागवत झा आजाद के बेटे कीर्ति आजाद हैं सांसद

पूर्व सीएम भागवत झा आजाद के बेटे कीर्ति आजाद पूर्व क्रिकेटर रहे हैं। वह 1983 के वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य थे। क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद उन्होंने राजनीति में एंट्री ली। पहले वह बीजेपी से सांसद रहे। इसके बाद कांग्रेस गए। अब वह तृणमूल की टिकट पर वर्धमान से सांसद हैं।

सत्येंद्र नारायण सिन्हा और जगन्नाथ मिश्र के बेटे भी हैं सियासत में

सत्येंद्र नारायण सिन्हा 72 साल की उम्र में 1989 में बिहार के सीएम बने थे। 4 सितंबर 2006 को उनका निधन हुआ। उनके बेटे निखिल कुमार राजनीति में आए और राज्यपाल समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वहीं, पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र के बेटे नीतीश मिश्र भी राजनीति में हैं। वह पूर्व में बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वह भाजपा से विधायक हैं।

क्या है देश के अन्य हिस्सों का हाल

देश के कई राज्यों में भी सीएम व पूर्व सीएम के बेटे सियासी पारी खेल रहे हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे राणा लोकेश सरकार में मंत्री हैं। आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम NTR के बेटे बालकृष्णा भी विधायक व मंत्री हैं। आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम वाईएस राजशेखर रेड्डी के बेटे वाईएस जगन मोहन रेड्डी पूर्व में सीएम रह चुके हैं। तेलंगाना में भी पूर्व सीएम KCR के बेटे केटी रामाराव व बेटी के कविता राजनीति में हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश भी यूपी के सीएम रह चुके हैं। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम विलासराव देशमुख के बेटे धीरज और अमित भी महाराष्ट्र में विधायक हैं। असम के पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई सियासत में हैं। वह असम कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हैं।

Published on:
09 Mar 2026 11:40 am
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