Nitish Kumar नीतीश कुमार दहेज के सख्त विरोधी है और अपनी शादी में 22 हजार दहेज के रूप में मिलने पर गुस्सा हो गए थे जिसके बाद उन्होंने अपने परिवार के सामने कोर्ट मैरिज की शर्त रख दी थी।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए है। दशकों तक बिहार की राजनीति की मजबूत कड़ी बने रहने के बाद अब आखिरकार नीतीश केंद्र की राजनीति का हिस्सा बन गए है। दस बार सीएम पद की शपथ लेने के बाद अब नीतीश ने राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। नीतीश के राजनीतिक जीवन से जुड़ी बातें तो सभी लोगों को पता है लेकिन उन्होंने अपने निजी जीवन को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा। आज हम आपके साथ नीतीश के जीवन से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा बताएंगे जिससे आप जान पाएंगे कि नीतीश के लिए निजी जीवन में भी अपने हुसूलों को लेकर कितने सख्त है।
यह किस्सा नीतीश की शादी से जुड़ा है जब 22 हजार का दहेज मिलने पर उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया था। 1 मार्च 1951 को पटना के बख्तियारपुर में जन्में नीतीश की शादी 1973 में नालंदा जिले की रहने वाली मंजू कुमारी सिन्हा से तय हुई थी। इस दौरान लड़की के परिवार ने नीतीश के परिवार को 22 हजार रुपये दहेज में देने की पेशकश की। लेकिन जब नीतीश को इस बात का पता चला तो वह गुस्से से तिलमिला उठे। नीतीश हमेशा से दहेज के विरोधी थे और उन्होंने तय किया था कि वह अपनी शादी में दहेज बिल्कुल नहीं लेंगे।
ऐसे में जब नीतीश को पता चला कि उनकी शादी में दहेज दिया जा रहा है तो उन्होंने अपने पिता को संदेश भिजवाया। इस संदेश में नीतीश ने साफ साफ कहा कि वह दहेज का विरोध करते है और नहीं चाहते है कि उनकी शादी में किसी तरह का दहेज लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने परिवार को यह भी साफ कर दिया कि वह अपनी शादी में किसी तरह का कोई भव्य आयोजन नहीं चाहते है। वह साधारण कोर्ट मैरिज करना चाहते है जिसमें कोई पैसों की बर्बादी न हो और कोई उत्सव न हो। उन्होंने परिवार को यह साफ कर दिया कि अगर ऐसा नहीं होता है तो वह शादी ही नहीं करेंगे।
नीतीश की जिद्द के सामने आखिरकार परिवार को झुकना पड़ा और उन्होंने फिर बिना दहेज के 22 फरवरी 1973 मंजू से शादी की। कहते है कि नीतीश अपनी पत्नी मंजू से बेहद प्रेम करते थे। साल 2007 में जब मंजू का निधन हुआ तो नीतीश ने उनकी अर्थी को कंधा दिया था। पत्नी की पार्थिव देह को शमशान ले जाने तक पूरे रास्ते नीतीश रोते रहे थे जो उनकी पत्नी के प्रति उनके प्रेम को साफ दर्शाता है। बता दें कि सालों तक राजनीति का हिस्सा बने रहने के बाद भी नीतीश ने हमेशा अपने परिवार को राजनीति से दूर रखा। उनके बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की बातें कई बार सुर्खियों में आई लेकिन हमेशा यह सिर्फ बातों में ही बनी रही।