नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) रे जेडीयू (JDU) में शामिल होने पर आरजेडी (RJD) प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि राजनीति में केवल परिवार या नाम से नहीं बल्कि जनता के भरोसे और काम से जगह बनती है।
बिहार (Bihar) की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले। जहां एक तरफ सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकल दाखिल कर दिया, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे निशांत कुमार सालों की चर्चाओं के बाद आखिरकार जेडीयू (JDU) में शामिल हो गए है। इस मामले पर लालू की पार्टी आरजेडी (RJD) की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को राजनीति में आने का अधिकार है लेकिन जनता ही तय करती है कि उसे स्वीकार करना है या नहीं।
आरजेडी प्रवक्ता ने आगे कहा कि, राजनीति में केवल परिवार या नाम से नहीं बल्कि जनता के भरोसे और काम से जगह बनती है। मृत्युंजय तिवारी ने बिहार की राजनीति का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव पहले ही यह बात कह चुके हैं कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी और जदयू की राजनीति अंतत: नीतीश कुमार को सीएम पद से हटाने की तरफ जाएगी।
इसके साथ ही तिवारी ने नीतीश कुमार की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव के समय 'फिर से नीतीश' के नाम पर वोट मांगे गए और पांच सालों के नेतृत्व की बात की गई, तो फिर कुछ ही महीनों में ऐसा क्या हो गया कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा दिया। तिवारी ने आरोप लगाया कि यह सब कुर्सी की राजनीति का खेल है। उन्होंने आगे कहा कि जनता से किए वादों को पूरा करना सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। निशांत के राजनीतिक सफर को लेकर सवाल किए जाने पर तिवारी ने कहा कि बिहार की जनता विकास और वादों के आधार पर ही नेताओं का मूल्यांकन करती है। अगर कोई नया चेहरा राजनीति में आता है तो उसे भी जनता के सवालों का सामना करना होगा।