भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल जनवरी में उत्तर-पश्चिम और उत्तर भारत में असामान्य रूप से शुष्क मौसम बना रहा।
IMD Alert: इस साल उत्तर भारत के लिए जनवरी का महीना बिल्कुल अलग रहा। महीने के अधिकांश दिनों तक उत्तर भारत और आसपास के क्षेत्रों में न तो बारिश हुई और न ही बर्फबारी देखने को मिली। मौसम शुष्क बना रहा और सामान्य सर्दी के हालात भी नजर नहीं आए। हालांकि, पिछले सप्ताह अचानक मौसम ने करवट ली और उत्तर भारत में व्यापक स्तर पर बारिश और बर्फबारी हुई। इस ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से देशभर में जनवरी महीने की कुल वर्षा के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया गया।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल जनवरी में उत्तर-पश्चिम और उत्तर भारत में असामान्य रूप से शुष्क मौसम बना रहा। आमतौर पर इस क्षेत्र में इस समय कड़ाके की ठंड, कोल्डवेव से लेकर ‘सीवियर कोल्डवेव’ और पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी होती है, लेकिन इस बार कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी समुद्रों से नमी की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
IMD के मुताबिक, 22 से 28 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में इस सीजन की पहली दो बड़ी बारिश-बर्फबारी की घटनाएं दर्ज की गईं। इसी दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में साप्ताहिक वर्षा 28.8 मिमी रिकॉर्ड की गई।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बर्फबारी हुई, जबकि राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। पूरे सर्दी के मौसम का लगभग आधा हिस्सा बीत जाने के बाद पहली बार पिछले हफ्ते उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में ठंडा और गीला मौसम देखने को मिला।
अब मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और बारिश-बर्फबारी वाली रहेगी। IMD के अनुसार, “मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ के अलावा एक नया पश्चिमी विक्षोभ 2 फरवरी से उत्तर भारत को प्रभावित करेगा।”
ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार और रविवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बर्फबारी की संभावना है।
रविवार को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी खराब मौसम रहेगा, जबकि 2 फरवरी को उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।