
नई दिल्ली। रात-दिन सीमा पर देश की सुरक्षा करने वाले जवानों के हित में भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि अब छुट्टी के दौरान शहीद हुए जवानों को ऑन ड्यूटी ही माना जाएगा। सरकार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोई जवान छुट्टी के दौरान भी चरमपंथी या आसामाजिक तत्व के द्वारा किए गए हमले में शहीद हो जाता है, तो उसे भी ऑन ड्यूटी ही माना जाएगा।
सरकार ने नियमों में किया बदलाव
बता दें कि ड्यूटी के दौरान किसी आतंकी घटना में जवान के शहीद होने पर उसे एक सम्मान मिलता है। इसके साथ ही उसके परिजनों को मुआवजा और सरकार की ओर से कई सुविधाएं मिलती हैं। वहीं ऑफ ड्यूटी पर किसी जवान के शहीद होने पर उसे ये सुविधाएं नहीं दी जाती थीं, लेकिन अब सरकार ने इन नियमों में बदलाव कर दिया है।
सरकार के फैसले की हो रही तारीफ
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर बताया कि अब ऑफ ड्यूटी पर भी जवान के शहीद होने पर उसे ये सारी सुविधाएं दी जाएंगी। रक्षा मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि यह आदेश थल सेना, वायु सेना और जल सेना तीनों पर लागू किया गया है। बता दें सरकार की इस फैसले की काफी सराहना हो रही है, वहीं जवान भी सरकार के इस कदम से खुश हैं।
वहीं सरकार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि हमपर जवानों और किसानों के नाम पर वोट मांगने के आरोप लगते हैं, लेकिन सच यह है कि भाजपा सरका किसानों और जवानों के हित की बात करती है। बीजेपी सरकार ने अनन्दाताओं और जवानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में सैनिकों की छुट्टी को लेकर स्थित स्पष्ट करने की कोशिश की गई है। अब अगर सैनिक अवकाश के समय अपने घर पर हो या फिर कहीं और शहीद होता है तो ऐसे में भी किसी चरमपंथी गुट या असामाजिक तत्वों द्वारा हमले में उसकी मौत को ऑन ड्यूटी मौत की तरह माना जाएगा।