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UPI शुल्क पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोले- ‘अमेरिकी दबाव के आगे झुकी सरकार’; BJP ने आरोपों को बताया झूठा

Congress UPI Charges Claim: राहुल गांधी ने 2 हजार रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट लेनदेन पर MDR लगाए जाने की संभावित व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इसका बोझ अंततः आम जनता पर पड़ेगा। बीजेपी ने इन दावों को झूठा बताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार की आलोचना की है।
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भारत

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Ashib Khan

Sep 15, 2026

Congress UPI charges claim

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Photo-IANS)

Rahul Gandhi UPI Statement: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने क संभावित व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी भुगतान कंपनियों के दबाव में आकर देश की शून्य व्यापारी छूट दर नीति को बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के दावे को झूठा बताया है।

राहुल गांधी ने क्या कहा? 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि सरकार भले ही यह दावा कर रही है कि ग्राहकों से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन 2 हजार रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट लेनदेन पर MDR लगाने की अनुमति दिए जाने से इसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है। अब 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI लेनदेन पर MDR लगाया जा सकता है।

राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे लेनदेन भले ही UPI के कुल वॉल्यूम का करीब 5 फीसदी हों, लेकिन कुल लेनदेन मूल्य में उनकी हिस्सेदारी लगभग 65 फीसदी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दुकानदारों से शुल्क लिया जाएगा, तो उसका असर आखिरकार कहां से आएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन दुकानदारों पर लगाए जाने वाले शुल्क की भरपाई अंततः वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए ग्राहकों की जेब से ही होगी।

अमेरिकी कंपनियों के दबाव का लगाया आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी भुगतान कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने अब इसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।

राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील की तरह, समझौता करने वाले प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के आगे झुक रहे हैं।

बीजेपी ने दावे को बताया झूठा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस दावे को बीजेपी ने झूठा बताया है। अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2 हजार रुपये से ऊपर UPI पर 0.5% टैक्स का कांग्रेस का दावा पूरी तरह झूठा है।

खरगे ने भी सरकार पर साधा निशाना

इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से परेशान जनता को राहत देने के बजाय सरकार हर दिन लोगों की जेब से पैसे निकालने का नया रास्ता तलाश रही है।

खड़गे ने कहा कि 'UPI पर कोई शुल्क नहीं' की नीति अब बदलकर '2,000 रुपये तक के UPI लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं' कर दी गई है।

उन्होंने दावा किया कि महंगाई पहले ही आम आदमी की बचत और जेब पर भारी असर डाल रही है और सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था डिजिटल भुगतान पर एक नए तरह के कर का रास्ता खोल सकती है।

वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद विवाद

बता दें कि कांग्रेस नेताओं की यह प्रतिक्रिया वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के बाद आई है। इसके तहत 2,000 रुपये तक के UPI लेनदेन पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं लगा सकेंगे। इस व्यवस्था के तहत UPI के करीब 96 फीसदी लेनदेन, वॉल्यूम के आधार पर, शून्य-शुल्क दायरे में बने रहेंगे। हालांकि, 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट लेनदेन को लेकर MDR की संभावित व्यवस्था ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।

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