
तमिल नाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम की अगुवाई वाली एआईएडीएमके कैडर्स राइट्स रिट्रीवल कमेटी ( एसीआरआरसी ) ने बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस ( एनडीए ) गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी है। यह फैसला चेन्नई में कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक बैठक के दौरान लिया गया था। कमेटी के सलाहकार पानरुति एस रामचंद्रन ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की है। उन्होंने बताया कि गठबंधन में पूर्व मुख्यमंत्री की अनदेखी के चलते यह फैसला लिया गया है। इस घोषणा के दौरान पार्टी प्रमुख पन्नीरसेल्वम और कमेटी के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
रामचंद्रन ने पत्रकारों से कहा कि, इसके बाद, समिति एनडीए का हिस्सा नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि, पन्नीरसेल्वम जल्द ही तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह जनता से मिलकर अपनी कमेटी को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किस राजनीतिक दल से गठबंधन करना है, यह फैसला मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए ही किया जाएगा।
दरअसल पन्नीरसेल्वम और एनडीए के बीच दरार की खबरें लंबे समय से आ रही है। लेकिन यह रिश्तें पूरी तरह से तब खराब हो गए, जब पन्नीरसेल्वम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तमिलनाडु की अपनी हाल की यात्रा के दौरान मिलने नहीं दिया गया। इसी बात ने दोनों के बीच की कड़वाहट को और बढ़ा दिया। घोषणा के दौरान रामचंद्रन से गठबंधन से अलग होने की वजह पूछने पर उन्होंने कहा कि वे तो सभी को पहले से ही पता हैं।
रामचंद्रन ने गठबंधन छोड़ने की घोषणा के दौरान बताया कि उच्च-स्तरीय बैठक में तीन अहम फैसले लिए गए, जिनमें से पहला गठबंधन से बाहर निकलने का था। दूसरा महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया है कि पन्नीरसेल्वम जल्द ही पूरे राज्य का दौरा करेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि वर्तमान में उनकी कमेटी किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन में नहीं है। पन्नीरसेल्वम भी इस घोषणा के दौरान मौजूद रहे लेकिन उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।