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कॉकरोच जनता पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं, बार-बार आंदोलन से इस्तीफे नहीं होंगे : आनंद दुबे

Cockrose Janata Party: शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने सीजेपी के आंदोलन को लेकर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि एक बार आंदोलन करने से यह तय नहीं होता कि बार-बार आंदोलन करने पर सरकार इस्तीफा देगी।
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Abhijit Dipke

अभिजीत दीपके। फाइल फोटो- आईएएनएस

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई मुलाकात को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि रूस के साथ भारत के पुराने और मजबूत संबंध हैं। वहीं, मराठी भाषा विवाद पर उन्होंने कहा कि भाषा संवाद का विषय है, विवाद का नहीं। सीजेपी के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

'रूस के साथ हमारे बहुत पुराने संबंध'

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई मुलाकात पर कहा कि रूस के साथ हमारे बहुत पुराने संबंध हैं। जब विदेश मंत्री किसी देश के प्रमुख से मिलते हैं तो उससे देश के लिए निश्चित रूप से कोई अच्छी खबर आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया में युद्ध का माहौल है। ऐसे में एक बड़े देश के साथ हमारे दोस्ताना संबंध यह दिखाते हैं कि दोनों देशों के रिश्ते बहुत मजबूत हैं।

' देश से आगे कुछ भी नहीं'

आनंद दुबे ने कहा कि सरकार की नीति देशहित में होनी चाहिए। अगर प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति के रिश्ते मजबूत होते हैं तो इसका लाभ आने वाली पीढ़ी को मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना हर जगह नहीं करनी चाहिए। कहीं-कहीं देश के साथ खड़े होकर सरकार को समर्थन भी देना पड़ता है। मैं सबसे पहले देश के साथ हूं। देश हमारा सबकुछ है और देश से आगे कुछ भी नहीं है।

भाजपा पर साधा निशाना

पंजाब चुनाव को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि अगर भाजपा 117 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है तो यह देखना होगा कि राज्य में उसका संगठन कितना मजबूत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कितने सांसद और विधायक हैं और उसका वहां कितना संगठनात्मक आधार है, इस पर विचार करना चाहिए। यह राज्यसभा का चुनाव नहीं है कि दूसरे दल के सांसद को पार्टी में शामिल कर लें। यह विधानसभा चुनाव है और इसमें जमीन पर उतरकर लड़ना पड़ता है। भाजपा वहां चुनाव जरूर लड़े, लेकिन दो-चार सीटें जीत पाए तो भी बड़ी बात होगी।

पंजाब में भाजपा का संगठन कमजोर

उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा का संगठन कमजोर है। वह चाहे 117 सीटों पर लड़े या 17 सीटों पर, इससे कुछ होने वाला नहीं है। मद्रास उच्च न्यायालय की ओर से पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव पर रोक लगाए जाने के मामले में शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय के इस फैसले के कारणों और आधार को लेकर सरकार और न्यायालय के बीच अभी बहस चल रही है। हमारा मानना है कि न्यायालय में चल रहे या न्यायपालिका की ओर से देखे जा रहे मामलों पर हम जैसे नेताओं को ज्यादा बयान देने की जरूरत नहीं है। वहां नई सरकार बनी है और वह अपना काम कर रही है।

मराठी भाषा विवाद पर दिया जवाब

मराठी भाषा विवाद पर आनंद दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाला हर व्यक्ति मराठी है, मराठी बोलता है, समझता है और मराठी संस्कृति का पालन करता है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को किसी दूसरे राज्य में बैठकर यह बयान देने की जरूरत नहीं है कि महाराष्ट्र में क्या हो रहा है। हम महाराष्ट्र के लोग सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि 40 लाख से ज्यादा हिंदी भाषी लोग यहां रहते हैं। ऐसे में मराठी और हिंदी के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि भाषा संवाद का विषय होती है, विवाद का नहीं। हमें लगता है कि समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में कैसे चुनाव लड़ना है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। यहां हिंदी भाषी लोग मराठी बोल रहे हैं और मराठी सीख गए हैं। जो लोग अभी मराठी नहीं सीख पाए हैं, उन्हें समय दिया जा रहा है।

'सीजेपी कोई राजनीतिक पार्टी'

सीजेपी के आंदोलन को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार आंदोलन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया। इसका मतलब यह नहीं है कि वह बार-बार आंदोलन करेंगे तो इस्तीफे होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सीजेपी और सरकार के बीच हुई प्रेस वार्ता में क्या बात हुई, यह सबको पता है। आनंद दुबे ने कहा कि सीजेपी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है और उसके प्रभाव को हर कोई जानता है। हमें मुद्दों की लड़ाई लड़नी है। हमें नई शिक्षा नीति में सबका साथ, सबका विकास वाला फॉर्मूला लाना पड़ेगा। बाकी कॉकरोच जनता पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

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