
Breaking: तृणमूल कांग्रेस - टीएमसी (Trinamool Congress - TMC) की अंदरूनी कलह की वजह से पार्टी के टूटने की नौबत आ गई है। कई विधायकों और सांसदों की बगावत के कारण पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले ही टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) को पत्र लिखकर उनके साथ मीटिंग की अनुमति मांगी थी। मीटिंग में टीएमसी के बागी लोकसभा सांसद मौजूद रहे, जिन्होंने बिरला से एक अलग समूह के तौर पर मान्यता मांगी और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था के साथ ही नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की भी अनुमति मांगी। इस मामले में कोई भी फैसला लेने से पहले बिरला दोनों पक्षों की दलीलों को सुनेंगे।
बिरला के ऑफिस की तरफ से दोनों पक्षों के सांसदों को ईमेल भेजा गया है। टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाले टीएमसी सांसदों को भी लोकसभा स्पीकर के साथ मीटिंग के लिए बुलाया गया है। इसके बाद ही बिरला बागी सांसदों के मामले में कोई भी फैसला लेंगे।
यह खबर अपडेट हो रही है...