
Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की आधिकारिक घोषणा के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों में संदिग्ध गतिविधियों ने लोगों की नींद उड़ा दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में घोषित संघर्षविराम के बाद जहां शांति की उम्मीद जगी थी, वहीं पाकिस्तान की ओर से की गई हरकतों ने फिर से उसकी मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि आज रविवार को जम्मू कश्मीर सहित कई राज्यों में स्थिति सामान्य बनी हुई है।
भारत के साथ सीजफायर के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा बयान सामने आया है। पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि कश्मीर, सिंधु जल संधि और आतंकवाद भारत के साथ प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। पड़ोसी देश के साथ भविष्य में होने वाली किसी भी वार्ता में इन पर चर्चा की जा सकती है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7, एलकेएम में चली अहम बैठक खत्म हो गई है। यह बैठक करीब 2 घंटे तक चली। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। बैठक में देश की सुरक्षा सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है।
भारतीय वायुसेना (IAF) ने रविवार को कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी जारी है। सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, भारतीय वायु सेना (IAF) ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने सौंपे गए कार्यों को सटीकता और व्यावसायिकता के साथ सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। ऑपरेशन राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप सोच-समझकर और विवेकपूर्ण तरीके से संचालित किए गए। चूंकि ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए समय रहते विस्तृत जानकारी दी जाएगी। IAF सभी से अपील करता है कि वे अटकलें लगाने और असत्यापित जानकारी के प्रसार से बचें।
शनिवार को भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौते पर सहमति बनी गई है। फिलहाल सीमा पर हालात सामान्य बने हुए है। इसी बीच सीडीएस और तीन सेनाओं के प्रमुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास पहुंचे हैं। वहां पर पीएम मोदी मौजूदा हालात की जानकारी देंगे।
रविवार को जम्मू कश्मीर से लेकर पंजाब तक स्थिति सामान्य बनी हुइ है। घाटी के कई अन्य शहरों में भी शांति बनी हुई है। पुंछ में भी स्थिति सामान्य नजर दिख रही है। मौजूदा समय में किसी ड्रोन हमले, फायरिंग या गोलाबारी की सूचना नहीं मिली है।
भारत और पाकिस्तान के बीच समझौते के बाद पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए पुणे के कौस्तुभ गणबोटे के बेटे कुणाल गणबोटे ने कहा कि सरकार ने जो भी कदम उठाए हैं, हम उससे संतुष्ट हैं और उसका समर्थन करते हैं। सरकार द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई (पहलगाम में शहीद हुए लोगों के लिए) एक श्रद्धांजलि थी। हम अपने जीवन में सामान्य स्थिति लाने की कोशिश कर रहे हैं। हम भारत के लोगों और सेना का धन्यवाद करते हैं क्योंकि वे इस कठिन परिस्थिति में हमारे साथ रहे हैं।
पंजाब के अमृतसर में एक व्यक्ति ने कहा कि यह एयरपोर्ट परिसर के अंदर बाबा गुरु नानक का गुरुद्वारा है। मैं पिछले 8 सालों से हर रविवार को यहां आता रहा हूं। यह अब बंद है, मैं वापस जा रहा हूं।
श्रीनगर, जम्मू, नगरोटा, जैसलमेर और अमृतसर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बीती रात ड्रोन देखे गए और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। सबसे पहले जम्मू के नगरोटा में ड्रोन की गतिविधि नोट की गई, जिसके बाद सिविल डिफेंस को अलर्ट कर दिया गया। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और बिना जरूरत बाहर न निकलने के निर्देश दिए।
राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिले में रात 11:55 बजे के बाद लगातार छह धमाकों की तेज आवाजें सुनाई दीं, जिससे लोग सहम गए। इससे पहले पूरे क्षेत्र में ब्लैकआउट लागू किया गया था, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि सेना और प्रशासन पहले से संभावित खतरे के प्रति सजग थे।
पंजाब के अमृतसर में भी एहतियात के तौर पर ब्लैकआउट किया गया। डीसी कार्यालय की ओर से सुबह 4:39 बजे जारी निर्देश में लोगों से कहा गया कि वे घरों के भीतर ही रहें, लाइटें बंद रखें और खिड़कियों से दूर रहें। प्रशासन ने सड़क, बालकनी और छत पर जाने से मना किया और भरोसा दिलाया कि सामान्य स्थिति बहाल होने पर सूचना दी जाएगी।
इन घटनाओं ने एक बार फिर दिखा दिया है कि पाकिस्तान सीजफायर की घोषणा के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर संभावित खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं।