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कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी, कई AICC महासचिव पद हो सकते हैं खाली

Congress: कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई है। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव को देखते हुए युवा नेताओं को मौका मिल सकता है।
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भारत

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Ashib Khan

Jun 25, 2026

Congress party leadership changes

कांग्रेस संगठन में फेरबदल की चर्चाएं तेज है (Photo-IANS)

Congress Organizational Reshuffle: हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा है। कांग्रेस ने महज एक राज्य केरल में जीत दर्ज की है। इसी बीच अब कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। दरअसल, पार्टी में कई महासचिव और प्रभारी पद खाली हो सकते है, जबकि कई पदों पर फेरबदल की भी चर्चाएं तेज हो गई है।

असम प्रभारी का पद हुआ खाली

असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद असम प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अब असम प्रभारी का पद खाली हो गया है।

इसके अलावा, तमिलनाडु और हरियाणा के प्रभारी रहे एआईसीसी महासचिव गिरिश चोडणकर और बी.के. हरिप्रसाद को उनके गृह राज्यों में नई जिम्मेदारियां मिल गई है। गिरिश चोडणकर को गोवा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हरिप्रसाद को कर्नाटक कांग्रेस की कमान सौंपी गई है। 

इसके अलावा महाराष्ट्र के प्रभारी महासचिव रमेश चेन्निथला को केरल में जीत के बाद गृह मंत्री बनाया गया है। हालांकि वे अभी संगठन और सरकार में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन अटकलें लगाई जा रही है कि चेन्निथला महाराष्ट्र के प्रभारी महासचिव का पद छोड़ सकते हैं। 

इन राज्यों में मतभेद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में प्रभारियों और राज्य इकाई के बीच मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस इन राज्यों में भी फेरबदल कर सकती है। इस पार्टी नेताओं का कहना है कि कई राज्यों में संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर असंतोष है, जिसके चलते इन राज्यों में भी बदलाव संभव है।

युवा नेताओं को मिल सकता है मौका

कांग्रेस पार्टी का आलाकमान कुछ प्रदेश अध्यक्षों को महासचिव और प्रभारी बना सकता है। इसके अलावा पार्टी के अंदर युवा नेताओं को अधिक जिम्मेदारी देने की मांग भी जोर पकड़ रही है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि आलाकमान के पास विकल्प सीमित हैं, इसलिए नियुक्तियों पर काफी सोच-विचार किया जा रहा है। साथ ही, युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पंजाब में गुटबाजी जारी

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस के अंदर जारी गुटबाजी को खत्म करने के लिए आलाकमान एक्टिव हो गया है। पिछले दिनों आलाकमान ने प्रदेश के टॉप 5 नेताओं के साथ बैठक भी की थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा की छुट्टी हो सकती है। इस रेस में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का नाम भी चल रहा है।

नियुक्तियों को लेकर चल रहा मंथन

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के कहा कि संगठन में कई बदलाव पहले ही किए जा चुके हैं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष और महासचिव प्रभारी जैसे शीर्ष पदों पर अपेक्षित बदलाव नहीं हो पाए हैं। इससे कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग में असंतोष बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस बार नियुक्तियों को लेकर गंभीर मंथन चल रहा है। पार्टी के भीतर एक वर्ग राज्य नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू करने की वकालत कर रहा है। यदि ऐसा होता है तो संगठन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी और चुनावी तैयारियों को भी मजबूती मिलेगी।

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