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Assam Election: सर्वे में बताया असम चुनाव का नतीजा तो बोले सीएम- अभी सर्वे का समय नहीं है, जानिए BJP की चुनावी चाल

Assam Election: असम विधानसभा चुनाव को लकेर एक ओपिनियन सामने आया है। इसके मुताबिक बीजेपी नीत गठबंधन तीसरी बार सरकार बना सकती है। जानिए, इस पर असम के सीएम क्या बोले....

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Jan 05, 2026
CM हिमंत सरमा (Photo-IANS)

Assam Election: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक ओपनियन पोल पर प्रतिक्रिया दी है। इस ओपिनियन पोल के मुताबिक असम में तीसरी बार भाजपा की सरकार बन सकती है। हालांकि, अभी तक NDA के घटक दलों में सीट शेयरिंग को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। इस ओपिनियन पोल पर असम के सीएम हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 2026 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने अभी बाकी हैं।

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अभी जश्न मनाने का समय नहीं आया: हिमंत

सीएम सरमा ने कहा कि इन अनुमानों का जश्न मनाने का समय अभी नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट आ रही हैं और वे हमें अच्छी स्थिति में दिखा रही हैं, लेकिन मेरा मानना है कि सर्वेक्षण का समय अभी नहीं आया है। इस सर्वे के मुताबिक NDA को इस चुनाव में 90 सीटें मिलने का अनुमान है। ओपिनियन पोल में भाजपा को 126 सदस्यीय विधानसभा में 69 से 74 सीटें जीतने का अनुमान लगाया गया है। असम गण परिषद आठ से ग्यारह सीटें जीत सकती है, जबकि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को आठ से दस सीटें मिलने का अनुमान है।

भाजपा को मिल रही 75 सीटें

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि सर्वेक्षण से पता चलता है कि भाजपा को लगभग 75 सीटें और असम गण परिषद को नौ सीटें मिल सकती हैं। हम इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि एनडीए के भीतर चर्चा पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के गठबंधन को भी अभी अंतिम रूप देना बाकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी तक हम सीट बंटवारे की बातचीत पूरी कर लेंगे, तब स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। तब तक हमें किसी भी सर्वेक्षण को देखकर संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमें काम करते रहना चाहिए।

कांग्रेस को 25 से 29 सीटें आने की उम्मीद

अनुमान है कि कांग्रेस 25 से 29 सीटें जीतेगी, जबकि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल, रायजोर दल, असम जातीय परिषद और सीपीआई (एम) जैसी छोटी पार्टियों को कम से कम या कोई सीट नहीं मिलेगी। वोट शेयर के मामले में, भाजपा को 39 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जो कांग्रेस के 37 प्रतिशत वोटों से थोड़ा सा अधिक है। परिसीमन के बाद निचले असम और बराक घाटी में बेहतर संभावनाओं के साथ, एनडीए के ऊपरी असम और बोडोलैंड में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने का अनुमान है।

जमीन पर संघ तैयारियों में जुटा

असम चुनाव से पहले बीजेपी और संघ अपनी जमीन मजबूत करने में जुटा है। बीत दस सालों से वहां भाजपा की सरकार है। पहले पांच साल सर्वानंद सोनेवाल असम के सीएम रहे हैं। वहीं 2021 से हिमंत बिस्वा सरमा राज्य में सत्ता की बागडोर थामे हुए हैं। वहीं, असम की जनसंख्या 2025 में अनुमानित 3.65 करोड़ है। 2011 की जनगमणा के अनुसार यहां हिंदू 61% और मुस्लिम 34% रहते हैं। ऐसे में बीजेपी लगातार हिंदू वोट को एकीकृत रखने की कोशिश कर रही है। संघ भी असम में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी कुछ दिनों पहले पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं। वह कुछ दिनों तक गुवाहाटी में प्रवास पर भी थे।

क्या कर रही है कांग्रेस

इधर, असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों में कांग्रेस भी जुटती हुई दिख रही है। केरल की वायनाड सीट से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस में एक के बाद एक बड़ी जिम्मेदारी मिलती जा रही है। पार्टी ने उन्हें आगामी असम विधानसभा चुनाव का जिम्मा सौंपा है। कांग्रेस ने अप्रेल-मई में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के लिए स्क्रीनिंग कमेटियां गठित की हैं, जिसमें प्रियंका को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है।

स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर ही पार्टी की चुनाव समिति टिकट तय करती है जिससे अब परोक्ष रूप से प्रियंका ही असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट बांटेंगी। प्रियंका को पहली बार किसी राज्य की स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है। पार्टी के लिए 10 साल बाद असम में सत्ता वापसी की बड़ी चुनौती है जिससे पार पाने में उनकी प्रमुख भूमिका रहेगी। उनके साथ सांसद इमरान मसूद, एसएस उलाका और श्रीवेल्ला प्रसाद को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।

Published on:
05 Jan 2026 09:05 am
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