
Counter-Terrorism Operation in Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के लाल चौक इलाके में हुए आतंकी हमले में 35 वर्षीय हेड कांस्टेबल की मौत के बाद सुरक्षाबल हरकत में आ गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरी कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया है। इसके तहत 1,000 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा बल हमलावर की तलाश के साथ-साथ आतंकियों को समर्थन देने वाले नेटवर्क के खिलाफ भी व्यापक अभियान चला रहे हैं।
सुरक्षाबलों का यह अभियान अनंतनाग, बडगाम, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और श्रीनगर समेत कई जिलों में चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए 1,000 से अधिक संदिग्धों में से करीब 700 लोगों को केवल श्रीनगर से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। श्रीनगर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य आतंकवाद को समर्थन देने वाले पूरे तंत्र को ध्वस्त करना है।
पुलिस के मुताबिक, आतंकवाद विरोधी अभियानों का उद्देश्य उन नेटवर्कों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करना है, जो आतंकी संगठनों को रसद, वित्तीय सहायता, संचार, परिवहन, सुरक्षित ठिकाने और अन्य प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराते हैं।
पुलवामा में पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कई स्थानों पर मोबाइल नाके लगाए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शफात नजार ने स्वयं तलाशी और जांच अभियान की निगरानी की।
शोपियां में शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा एवं आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया गया।
वहीं, बडगाम में छापेमारी के दौरान 200 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में ओवरग्राउंड वर्कर्स, उपद्रवी तत्व और मादक पदार्थों से जुड़े अपराधी शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रभावित जिलों में चल रहे तलाशी अभियानों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। हेड कांस्टेबल की हत्या के बाद पूरी कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अभियान लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी का बलिदान शांति बहाली के प्रयासों को कमजोर नहीं करेगा।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा बल जल्द ही उन्हें कानून के कटघरे में लाएंगे।