West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल SIR प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने और लाखों को दोबारा जोड़ने का डेटा जारी किया। पहली बार जिलावार आंकड़े सामने आए हैं।
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच वोटर लिस्ट को लेकर नया अपडेट आ गया है। चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा और अहम डेटा जारी किया है। इस बार खास बात यह रही कि आयोग ने पहली बार जिलावार तरीके से नाम जोड़ने और हटाने की पूरी जानकारी सार्वजनिक की है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर काफी बड़ी और जटिल दिखती है। आयोग के मुताबिक, अब तक कुल 90.66 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। यह बड़ा डेटा माना जा रहा है।
दिसंबर 2025 में जब ड्राफ्ट लिस्ट जारी हुई, तब ही करीब 58.2 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद फरवरी 2026 में अंतिम सूची तक 5.46 लाख और नाम हटाए गए। यानी शुरुआती स्तर पर ही बड़ी संख्या में बदलाव कर दिए गए थे, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। आयोग ने बताया कि करीब 60 लाख से अधिक मामलों को ‘लॉजिकल विसंगति’ के आधार पर जांच के लिए रखा गया था। आसान भाषा में कहें तो ये वो नाम थे, जिनमें डेटा गड़बड़ी, डुप्लीकेशन या अन्य तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। इन मामलों को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ यानी न्यायिक जांच की श्रेणी में रखा गया। फिर अधिकारियों ने एक-एक केस की समीक्षा की।
अब तक लगभग 59.84 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। इस जांच से जो नतीजे सामने आए उसमें करीब 32.68 लाख लोगों के नाम दोबारा जोड़े गए (यानि वे पात्र पाए गए), जबकि 27.16 लाख नाम स्थायी रूप से हटा दिए गए (अयोग्य पाए गए), इससे साफ है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे जिनके नाम गलती से हट गए थे, लेकिन जांच के बाद उन्हें वापस शामिल कर लिया गया।
इस पूरी कवायद में सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि आयोग ने जिलावार एडिशन और डिलिशन का डेटा सार्वजनिक किया। पहले ऐसा नहीं होता था। इससे अब यह समझना आसान होगा कि किस इलाके में कितने बदलाव हुए और क्यों हुए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें पहले ही सामने आ चुकी हैं। पहला चरण 23 अप्रैल (152 सीटों पर वोटिंग) और दूसरा चरण 29 अप्रैल (बाकी 142 सीटों पर मतदान) को होगा। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित होंगे।