
सांकेतिक इमेज
पूर्वोत्तर राज्य असम, दक्षिण में केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को प्रचार थम गया। प्रचार के आखिरी दिन तक चुनावी मैदान में अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय मुद्दों से लेकर नेताओं में निजी हमलों तक तीखी बयानबाजी देखने को मिली। इन तीनों प्रदेशों में 9 अप्रैल को गुरुवार के दिन मतदान होगा। चुनावी प्रचार थमने के बाद अब राजनीतिक दलों का घर-घर मतदाता को लुभाने और बूथ मैनेजमेंट पर पार्टियों का फोकस है।
केरल और असम का चुनाव भाजपा, कांग्रेस एवं वामपंथियों के लिए महत्वपूर्ण है। इन राज्यों में चुनावी नतीजे 4 मई को आएंगे। असम में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है। हालांकि दोनों ही दलों ने कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया हुआ है। भाजपा यहां लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है।
इसके लिए भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने रैलियों के दौरान विकास, बुनियादी ढांचे और डबल इंजन सरकार के साथ घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं पर विवादित बयान भी दिए। इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने डॉनल्ड ट्रंप के बयानों के साथ केंद्र सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और संस्थाओं के दुरुपयोग को लेकर हमला बोला और मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाया।
केरल में CPM के नेतृत्व में वामपंथी मोर्चा LDF के लिए जीत की हैट्रिक लगाने की बड़ी चुनौती है। देश में वामपंथी सिर्फ केरल में ही सत्तारूढ़ हैं, जिसे बचाने के लिए CM पी.विजयन व मोर्चे ने पूरी ताकत लगा रखी है। LDF कल्याणकारी योजनाओं और विकास मॉडल को आधार बनाकर चुनाव लड़ रहा है।
केरल में 10 साल की एंटी इंकमबेंसी को भुना रही कांग्रेस के UDF गठबंधन ने सीधे तौर पर CM विजयन पर भ्रष्टाचार के आरोप को मुद्दा बनाया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वायनाड से सांसद है, जिसके चलते गांधी परिवार के लिए यह चुनाव खासा अहम माना जा रहा है। NDA की ओर से PM मोदी ने कई सभाएं की और LDF और UDF को भ्रष्टाचार का पर्याय बताते हुए नया इतिहास बनाने की अपील की। भाजपा यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटी है।
पुद्दुचेरी में भाजपा और उसके सहयोगी AINRC को सत्ता बरकरार रखने के लिए 5 साल के प्रभावी शासन और जन-केंद्रित योजनाओं पर भरोसा है। साथ ही PM मोदी ने DMK, कांग्रेस के शासन के भ्रष्टाचार को भी मुद्दा बनाया। वही, प्रमुख विपक्षी गठबंधन में DMK और कांग्रेस शामिल है, जिन्होंने पूर्ण राज्य का दर्जा, बेरोजगारी को प्रमुख मुद्दा बनाया है।
गुरुवार को 296 सीटों पर वोटिंग होगी। इसमें असम की 126, केरल की 140 और पुद्दुचेरी की 30 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा। असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पुडुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनमें 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है। यहां कुल 9.44 लाख मतदाता हैं, जिनमें लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
Updated on:
08 Apr 2026 03:32 am
Published on:
08 Apr 2026 03:32 am
