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TMC Crisis: ‘टीएमसी के साथ-साथ बागी सांसद वोटर को भी दे रहे धोखा’, नई जिम्मेदारी मिलने के बाद बागियों पर भड़के कुणाल घोष

Mamata Banerjee: टीएमसी में बागी सांसदों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कुणाल घोष ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर वोटरों और टीएमसी से विश्वासघात का आरोप लगाया। वहीं सुदीप बंद्योपाध्याय पर भी निशाना साधा।

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Mamata Banerjee

TMC Crisis: बागियों पर भड़के कुणाल घोष(फोटो-IANS)

TMC: टीएमसी अब खुलकर अपने बागी सांसदों के खिलाफ बोल रही है। पहले लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने मोर्चा संभाला था। वहीं अब कुणाल घोष लगातर बागी सांसदों पर प्रहार कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो भी सांसद टीएमसी छोड़कर कही और जा रहे हैं वो पार्टी के साथ-साथ वोटर को भी धोखा दे रहे हैं। जनता ने उन्हें टीएमसी के निशान पर चुनाव जितवाया था। लेकिन अब वो पार्टी छोड़ रहे हैं।

कुणाल घोष ने क्या कहा?


बागी सांसदों पर कुणाल घोष ने कहा कि राज्यसभा के बागी सांसद इस्तीफा दे रहे हैं, तो फिर लोकसभा के बागी सांसद उन पदों पर क्यों बने हुए हैं जो उन्हें TMC के चुनाव चिह्न पर मिले थे? उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं और टीएमसी का समर्थन करने वाले व भारतीय जनता पार्टी के विरोधी लोगों ने उन्हें वोट दिया था। इसलिए, वे सिर्फ टीएमसी को ही नहीं, बल्कि वोटरों को भी धोखा दे रहे हैं।

टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को भी घेरा


टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात पर घोष ने कहा कि मैं अपनी पार्टी, ममता बनर्जी और वर्किंग कमेटी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे उत्तरी कोलकाता जिले का अध्यक्ष बनाया। यह एक चुनौतीपूर्ण काम है क्योंकि सुदीप बंद्योपाध्याय ने इससे पहले इसे पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। उनके अन्याय के कारण कई सक्रिय टीएमसी नेता दूसरी पार्टियों में शामिल होने के लिए मजबूर हुए। आज, उन्होंने खुद ममता बनर्जी के साथ धोखा किया है और दिल्ली में BJP नेताओं से मिल रहे हैं।

पार्टी में कुणाल घोष को मिली बड़ी जिम्मेदारी


पार्टी में ममता बनर्जी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। कुणाल घोष को उत्तर कोलकाता इकाई की कमान सौंपते हुए नया अध्यक्ष नियुक्त किया। वहीं इस पद पर पहले सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय थे जिन्हें अब हटा दिया गया है। साथ ही सायोनी घोष को भी युवा अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।

अभिषेक बनर्जी की बढ़ रही मुश्किलें


सांसदों के बागी होने के साथ-साथ पार्टी के सामने एक और मुसीबत है। अभिषेक बनर्जी पर लगातार जांच एजेंसी कार्रवाई कर रही है। एक दिन पहले ही उनपर दो अलग-अलग जिलों में दो अलग-अलग केस दर्ज किये गए थे। CID कई बार उनके घर भी जा चुकी है और अपनी दफ्तर भी अभिषेक बनर्जी को बुला चुकी है।