पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवार को राहत देते हुए असावरी जगदाले को पुणे नगर निगम में प्रशासनिक अधिकारी (ग्रेड-II) पद पर नियुक्ति मिली, जो लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई है।
पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लोगों के परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बुधवार को पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे ने पीड़ित संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें पुणे नगर निगम में प्रशासनिक अधिकारी (ग्रेड-II) के पद पर नियुक्त किया।
यह नियुक्ति उस समय हुई जब एक मीडिया रिपोर्ट में असावरी के संघर्ष को उजागर किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि सरकार से नौकरी का आश्वासन मिलने के बावजूद उनके डॉक्युमेंट प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही थी और वे पिछले कई महीनों से इंतजार कर रही थीं।
असावरी जगदाले कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट हैं और उन्होंने मानव संसाधन (HR) में मास्टर डिग्री भी हासिल की है। उनकी शैक्षणिक योग्यता को देखते हुए उन्हें एक बेहतर पद देने की मांग भी उठ रही थी।
हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने असावरी और उनके परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। इसमें सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता और अन्य सहयोग शामिल था।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि शुरुआत में असावरी को ग्रेड-III या ग्रेड-VI स्तर की नौकरी देने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन बाद में उनकी योग्यता को ध्यान में रखते हुए उन्हें ग्रेड-II प्रशासनिक अधिकारी का पद देने का निर्णय लिया गया।
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत आश्वासन और असावरी की उच्च शिक्षा के बावजूद यह प्रक्रिया 10 महीनों से अधिक समय तक लंबित रही, जो बेहद चिंताजनक है।
महाराष्ट्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। अब असावरी को नियुक्ति मिलने के बाद अन्य पीड़ित परिवारों को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था। यह जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम के बैसरन घाटी में दोपहर के समय हुआ एक बड़ा आतंकी हमला था, जिसमें आतंकवादियों ने मुख्य रूप से हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और इसके बाद सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाए, जिसमें शामिल आतंकियों को बाद में मार गिराया गया।