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हंतावायरस को लेकर WHO सतर्क, पांच देशों को भेजीं 2,500 डायग्नोस्टिक किट, जानें कैसे फैलता है?

Hantavirus WHO Update: डब्लूएचओ ने उन 12 देशों को सूचित भी किया है, जिनके नागरिक सेंट हेलेना में उतरे थे। संगठन ने पांच देशों की प्रयोगशालाओं में 2,500 हंतावायरस डायग्नोस्टिक किट भेजी हैं और अंतरराष्ट्रीय संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी है।

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भारत

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Saurabh Mall

May 08, 2026

Hantavirus WHO alert

कोरोना से भी खतरनाक…तेजी से फैल रहा है ये वायरस, WHO अलर्ट (AI जनरेटेड इमेज)

Hantavirus WHO Alert: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अटलांटिक महासागर में चल रहे एमवी होंडियस क्रूज शिप पर फैले हंतावायरस संक्रमण को लेकर कहा है कि आगे और मामले सामने आ सकते हैं, लेकिन इसके कोविड जैसी वैश्विक महामारी बनने की आशंका नहीं है।

डब्लूएचओ के अनुसार, अब तक क्रूज शिप से जुड़े पांच पुष्ट संक्रमण सामने आए हैं, जबकि तीन लोगों- एक डच दंपती और एक जर्मन नागरिक की मौत हो चुकी है। पहला मामला 70 वर्षीय डच यात्री का था, जिसे जहाज पर तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द और दस्त की शिकायत हुई थी। उसकी 11 अप्रैल को जहाज पर ही मौत हो गई थी।

डब्लूएचओ की महामारी तैयारी निदेशक मारिया वान केरखोव ने कहा, 'यह कोविड नहीं है और न ही किसी नई महामारी की शुरुआत।' संगठन ने पांच देशों की प्रयोगशालाओं में 2,500 हंतावायरस डायग्नोस्टिक किट भेजी हैं और अंतरराष्ट्रीय संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी है।

इसके अलावा डब्लूएचओ ने उन 12 देशों को सूचित भी किया है जिनके नागरिक सेंट हेलेना में उतरे थे। ये ब्रिटेन, कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स और नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्किये और संयुक्त राज्य अमरीका से हैं।

क्रूज संचालक ओशनवाइड एक्सपीडिशंस के अनुसार, 23 देशों के 146 यात्री अब भी जहाज पर सख्त एहतियाती उपायों के बीच मौजूद हैं। जहाज रविवार को स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ पहुंचने वाला है, जहां से यात्रियों को उनके देशों भेजा जाएगा। डब्लूएचओ का मानना है कि डच दंपती संभवतः अर्जेंटीना में बर्ड वॉचिंग यात्रा के दौरान संक्रमित हुए थे। एंडीज स्ट्रेन का यह दुर्लभ हंतावायरस चूहों से फैलता है, लेकिन कुछ मामलों में इंसानों के बीच नजदीकी संपर्क से भी संक्रमण संभव है।

कैसे फैला संक्रमण

स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, संक्रमित यात्री अर्जेंटीना, चिली और उरुग्वे की यात्रा पर थे और उन स्थानों पर गए थे जहां वायरस फैलाने वाले चूहों की प्रजाति मौजूद थी। हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड एक से छह सप्ताह तक हो सकता है, इसलिए माना जा रहा है कि संक्रमण जहाज पर चढ़ने से पहले हुआ और बाद में नजदीकी संपर्क के जरिए अन्य यात्रियों तक पहुंचा.

हंतावायरस क्या होता है?

हंतावायरस चूहों से फैलने वाला एक खतरनाक वायरस है। यह चूहों के पेशाब, मल या लार के सूखे कणों को सांस के साथ अंदर लेने से होता है।

यह कैसे फैलता है?

  • संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क से यह वायरस फैलता है।
  • जब चूहों का मल-मूत्र सूख जाता है, तो उसके छोटे-छोटे कण हवा में उड़ने लगते हैं।
  • ये कण सांस के जरिए हमारे शरीर में चले जाते हैं।
  • इसके अलावा, संक्रमित चूहे के काटने या खरोंचने से भी यह वायरस फैल सकता है।