आतंक की पनाहगाह बन चुके पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का एक और काला सच सामने आया है। दरअसल नौशेरा में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी ने अपने कबूलनामे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस फिदायनी को सेना के जवानों ने 21 अगस्त को पकड़ा था। हालांकि इसके साथ चार आतंकी और थे जो फरार हो गए।
आतंकवाद के खिलाफ भारती की जंग जारी है। खास तौर पर जम्मू-कश्मीर में सेना के जवान ऑपरेशन ऑलआउट के जरिए लगातार आतंकवादियों की कमर तोड़ने में जुटे हैं। इस बीच भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की एक और काली करतूत सामने आई है। दरअसल नौशेरा में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी ने अपने कबूलनामें में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आतंकवाद की पनाहगाह बन चुका पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ साजिशें रच रहा है। इसका ताजा सबूत पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी ने खुद दिया है। पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी ने ये भी बताया कि, वह 2016 में भी भारत आया था, इस दौरान उसने रेकी की और वापस पाकिस्तान लौट गया था।
पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी तबारक ने अपने कुबूलनामा में बताया कि उसके साथ 4 से 5 आतंकी हथियारों के साथ आए थे। तबारन ने बताया कि, उसके पिता का नाम मलिक है और वे 6 भाई-बहन हैं। तबारक ने अपने गांव का नाम सब्जकोट बताया। खास बात यह है कि, तबारक का गांव LoC से महज 2 से 3 किमी दूर है।
तबारक ने बताया कि उसे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई से खास ट्रेनिंग दी गई थी। तबारक के कबूलनामे के मुताबिक उसके साथियों को दहशत फैलाने के लिए भारत भेजा गया था।
फिदायीन आतंकी तबारक ने बताया कि, उसे पाकिस्तानी आर्मी कर्नल ने भारत भेजा था। तबाहक के मुताबिक उसे भेजने वाले का नाम चौधरी यूनिस और वह पाकिस्तान आर्मी में है।
आतंकी ने खुलासा किया कि उसे झंगर बॉर्डर पर भारतीय सैन्य पोस्ट पर फिदायीन हमला करने के लिए भेजा गया था। कैमरे के सामने तबारक हुसैन के हर शब्द ने पाकिस्तान और उसकी सेना के आतंकी की काली करतूतों को बेनकाब किया है।
भारतीय सेना के जवानों ने जम्मू-कश्मी के नौशेरा सेक्टर से 21 अगस्त को तबाहर को पकड़ा था। आतंकी तार काटकर भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था।
इस जिंदा पकड़े गए आतंकी ने बाजवा की सेना और ISI की पूरी पोल खोल दी है। उसने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी और ISI के स्कूलों में दहशतगर्दी का पाठ पढ़ाया जाता है। तबारक ने ये भी बताया कि, इससे पहले वह 2016 में भारत आया था। तब उसने कई भारतीय पोस्ट की रेकी की थी। रेकी करने के बाद वह वापस पाकिस्तान लौट गया।
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