नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहकर बिहार को बेहतर बनाने का काम किया है। उनसे पहले बिहार का नाम लेने में शर्म आती थी। बच्चियों को परिजन बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ाना पसंद करते थे। उनके दिल्ली जाने से हम सभी आहत हैं।
Maithili Thakur: लोक गायिका मैथिली ठाकुर बिहार विधानसभा में सबसे कम उम्र की विधायक हैं। उन्हें जनरेशन-जेड की विधायक भी कहा जाता है। शनिवार को मैथिली जयपुर पहुंची और रविवार को भी कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैथिली ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत की। उन्होंने महिला दिवस पर संदेश दिया कि अपने सपनों को कभी मरने मत दो… भय की जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ते रहो, सफलता जरूर मिलेगी।
जवाब: गायकी मेरा संस्कार है। पूर्वजों और परिजन से आशीर्वाद स्वरूप मिला है। लोक गीत, भक्ति संगीत और शास्त्रीय गायन को लोगों तक पहुंचाती हूं। वहीं, राजनीति में आने का मकसद लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। मुझे खुशी है कि दोनों जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निभा पा रही हूं।
जवाब: सही कहूं तो शुरुआत के 15 से 20 दिन डर भी लगा और घबराहट भी हुई। फिर पढ़ना शुरू किया। इसके बाद मैं सबसे ज्यादा सवाल पूछने वाले विधायकों में शामिल भी हुई।
जवाब: नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहकर बिहार को बेहतर बनाने का काम किया है। उनसे पहले बिहार का नाम लेने में शर्म आती थी। बच्चियों को परिजन बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ाना पसंद करते थे। उनके दिल्ली जाने से हम सभी आहत हैं।
जवाब: समझ ही नहीं आया था कि मेरे साथ हो क्या रहा है? पूरी जिंदगी 360 डिग्री घूम गई थी। परिजन ने समझाया और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन रहा। यही वजह रही कि चुनाव में एक बार भी मुझे नहीं लगा कि मैं यह लड़ाई हार रही हूं।
जवाब: सीमित दायरे में रहकर उपयोग करेंगे तो फायदे खूब हैं। मैंने इसी के माध्यम से अपने संगीत और लोक गीतों को पहुंचाया है। अति तो हर चीज की बुरी होती है।