
Ram Mandir Trust Controversy: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर बीते कुछ दिनों से राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस सहित विपक्ष की सभी पार्टियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर लगातार हमला बोला है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को एक बार फिर BJP और RSS पर तीखा हमला बोला है।
केरल में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पिछले तीन दशकों से RSS और BJP वोट पाने के लिए भगवान राम की आड़ ले रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर बना और एक ट्रस्ट भी बना, लेकिन उस ट्रस्ट में RSS के लोगों को भर दिया गया। अब हमने देखा है कि उन्होंने न सिर्फ भगवान राम के नाम पर वोट लिए, बल्कि वे अब भगवान राम के मंदिर को लूट भी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ डकैती नहीं है, यह आस्था के साथ धोखा है। इसे सबसे बड़ा पाप माना जाता है। लोग BJP पर अपनी आस्था और भरोसा जताते हैं क्योंकि BJP और RSS ने खुद को हमारी आस्था का संरक्षक बताया है। वे हमारी आस्था के संरक्षक नहीं हो सकते। हमारी आस्था के संरक्षक शंकराचार्य हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि जब NEET परीक्षा के पेपर लीक होते हैं, तो छोटे अधिकारियों को गिरफ्तार या सस्पेंड कर दिया जाता है। सबसे ऊँचे पद पर बैठे व्यक्ति की जवाबदेही का क्या? सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति की जवाबदेही क्यों नहीं होनी चाहिए? इस मामले में वह व्यक्ति धर्मेंद्र प्रधान हैं। इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) होने चाहिए। परीक्षा के हर चरण का लगातार ऑडिट होना चाहिए।
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि RSS धर्म और राम मंदिर को लेकर लगातार अपनी तारीफ कर रहा था। यह शर्मनाक है कि RSS और VHP से जुड़े ट्रस्टियों की देखरेख में इतनी बड़ी घटना हुई। अगर UP सरकार का फैसला राजनीति से प्रेरित नहीं होता, तो यह जांच CBI से कराई जाती।