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नागालैंड में असम राइफल्स की गाड़ी के पास IED विस्फोट, एक जवान शहीद, चार घायल

Nagaland IED blast: नागालैंड के सुखोवी के पास असम राइफल्स के वाहनों के निकट संदिग्ध IED विस्फोट हुआ है। जिसमें एक सुरक्षाकर्मी शहीद हो गया है जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।
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भारत

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Anand Shekhar

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अनुराग अनिमेष

Jul 13, 2026

IED blast news

नागालैंड में असम राइफल्स की गाड़ी के पास IED विस्फोट(फोटो-X/@Vantagemonitor)

Nagaland IED blast: नागालैंड के सुखोवी के पास सोमवार को असम राइफल्स के एक वाहन को निशाना बनाकर किए गए संदिग्ध IED विस्फोट में एक जवान शहीद हो गया, जबकि चार अन्य जवान घायल हुए हैं। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

धमाके के तुरंत बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया। सुखोवी और आसपास के जंगलों में संदिग्ध हमलावरों और उग्रवादियों की तलाश के लिए संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फिलहाल किसी भी उग्रवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं, स्थानीय प्रशासन और फोरेंसिक एक्सपर्ट विस्फोट इसके पीछे की साजिश की जांच में जुटे हैं।

एक सप्ताह के भीतर असम राइफल्स पर दूसरा हमला

पूर्वोत्तर में एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर असम राइफल्स पर यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले 6 जुलाई को मणिपुर के उखरुल जिले में संदिग्ध आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में असम राइफल्स की 40वीं बटालियन के दो जवान शहीद हो गए थे। शहीद जवानों की पहचान वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सी.एम. सिंह के रूप में हुई थी। दोनों काफिले के एक वाहन में तैनात थे और हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

पूर्वोत्तर में अहम जिम्मेदारी निभाता है असम राइफल्स

असम राइफल्स देश का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है और पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह बल भारत-म्यांमार सीमा की निगरानी, उग्रवाद विरोधी अभियान और क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालता है। सीमा क्षेत्रों और उग्रवाद प्रभावित इलाकों में लगातार तैनाती के कारण असम राइफल्स के जवान अक्सर उग्रवादी संगठनों के निशाने पर रहते हैं।

पिछले साल भी हुआ था हमला

पिछले साल नवंबर में मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास नियमित गश्त के दौरान असम राइफल्स की एक टीम पर उग्रवादियों ने गोलीबारी की थी। यह हमला सैबोल गांव के निकट बॉर्डर पिलर नंबर-87 के पास हुआ था, जिसमें चार जवान घायल हुए थे।

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