
Pawan Khera: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच अब आधार कार्ड और वोटर आईडी का मुद्दा भी गरमा गया है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के एक बयान को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची से करोड़ों लोगों के नाम हटाने के बाद अब उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने मुस्तफाबाद में मतदाता सूची से नाम हटाने के आवेदनों को लेकर बीजेपी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आधार कार्ड की जगह वोटर आईडी इस्तेमाल करने वाले बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है। SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से पहले ही कम से कम 13.3 करोड़ भारतीयों के नाम हटाए जा चुके हैं। अब वोटर आईडी नहीं होने के आधार पर लोगों को राशन, आवास, स्वास्थ्य बीमा और गारंटीड रोजगार जैसी सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है। खेड़ा के मुताबिक, पहले मतदाता सूची से नाम हटाकर लोगों का राजनीतिक अधिकार छीना जाएगा और फिर इसी आधार पर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से बाहर किया जाएगा। इसका नतीजा यह हो सकता है कि लाखों भारतीय लोकतांत्रिक और कल्याणकारी, दोनों व्यवस्थाओं से बाहर हो जाएं और उन्हें दूसरे दर्जे के नागरिकों की तरह अपने अधिकारों से वंचित होना पड़े।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि जल्द ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भुगतान करने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। अब लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार नंबर के बजाय उनकी बायोमेट्रिक जानकारी और वोटर आईडी (EPIC) नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने सिक्किम के गंगटोक में आयोजित राष्ट्रीय जन योजना अभियान 2026-27 की कार्यशाला में यह बात कही। ललन सिंह ने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का भुगतान आधार कार्ड के आधार पर नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के केंद्र अब हर गली में मौजूद हैं और महज पांच मिनट में किसी का भी आधार कार्ड बन सकता है। ऐसे में आधार अब भुगतान का आधार नहीं रहेगा। इसके बजाय लाभार्थियों की बायोमेट्रिक जानकारी और वोटर आईडी का EPIC नंबर उनकी पहचान के रूप में इस्तेमाल होगा और इसी के आधार पर भुगतान किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन-किन सरकारी योजनाओं में इस नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
SIR को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। पार्टी ने द हिंदू की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली के मुस्तफाबाद में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए कुल 1,021 आवेदन दिए गए थे। इनमें से 787 आवेदनों में बीजेपी की ओर से नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) के नाम दर्ज होने की बात सामने आई है।
आम आदमी पार्टी ने इस मामले को लेकर बीजेपी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। AAP ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है, बीजेपी और ज्ञानेश कुमार ने देश के साथ देशद्रोह किया है।
श्री ज्ञानेश कुमार, अब आपका खेल खत्म हो गया है भाई। आपका अगला ठिकाना तिहाड़ जेल है। तैयार रहिए!