महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे जलगांव के मुक्ताईनगर में संत मुक्ताई की पालकी यात्रा में शामिल होने के लिए गए थे। यहां से लौटते वक्त जलगांव एयरपोर्ट पर पायलट ने उनका चार्टर्ड प्लेन उड़ाने से मना कर दिया।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पायलट की वजह से जलगांव एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा। पायलट ने ड्यूटी समय खत्म होने का हवाला देते हुए विमान उड़ाने से मना कर दिया। इसके बाद शासन-प्रशासन पायलट के मान मनौव्वल में जुट गया। पायलट के हामी भरने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका चेकअप किया। फिट घोषित करने के बाद विमान उड़ाने की अनुमित दी।
दरअसल, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे जलगांव के मुक्ताईनगर में संत मुक्ताई की पालकी यात्रा में शामिल होने के लिए गए थे। यहां से लौटते वक्त जलगांव एयरपोर्ट पर पायलट ने उनका चार्टर्ड प्लेन उड़ाने से मना कर दिया। पायलट ने कहा कि वह दूसरी उड़ान भरने के लिए चिकित्सीय रूप से फिट नहीं है। उसकी ड्यूटी का समय खत्म हो चुका है।
जिसके बाद शिंदे ने खुद पायलट को मनाने की कोशिश की। राज्य के मंत्री गिरीश महाजन और गुलाबराव पाटिल ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया। इसके बाद शिंदे सहित तीनों नेेताओं ने पायलटों के साथ एयरपोर्ट के वेटिंग लाउंज में बंद कमरे में चर्चा की। साथ ही पायलट के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए एक डॉक्टर को भी बुलाया गया। डॉक्टर से हरी झंडी मिलने के बाद शिंदे प्लेन से मुंबई के लिए रवाना हुए।
इस दौरान शिंदे को एक दंपत्ति भी मिला जिन्हें किडनी की सर्जरी मुंबई में करानी थी, लेकिन उनकी फ्लाइट मिस हो गई। ऐसे में शिंदे ने दंपति को अपने निजी विमान में जगह दी और उन्हें मुंबई पहुंचाया। उन्होंने दंपती के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी कराई।