
BJP vs Congress: उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। इसके बाद, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनी एक तस्वीर शेयर की, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाना बनाया गया है।
गोयल द्वारा पोस्ट की गई इस तस्वीर में राहुल गांधी को एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारी के रूप में दिखाया गया है।
तस्वीर में दिख रही पेट्रोल मशीन पर उन चार राज्यों के नाम लिखे हैं जहां चुनाव हुए थे, जबकि मीटर में "0.00" का आंकड़ा दिख रहा है—जो इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन (जीरो सीट) को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए गोयल ने कैप्शन लिखा, "जीरो चेक कर लो भाई"।
यह पोस्ट भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके नेताओं द्वारा चुनाव नतीजों के बाद चलाए गए एक बड़े सोशल मीडिया अभियान का हिस्सा थी।
BJP ने इन नतीजों का इस्तेमाल कांग्रेस पर हमला करने के लिए किया और इस बात को उजागर किया कि पार्टी इन चार राज्यों में एक भी सीट नहीं जीत सकी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के कई अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की लगातार आलोचना करने और वापस बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर पार्टी को घेरा।
सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि इन चुनाव नतीजों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत साबित कर दिया है।
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी पर मुद्दों का राजनीतिकरण करने और भारतीय उद्योग जगत पर बेबुनियाद आरोप लगाने का इल्जाम लगाया। राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि टाटा समूह को "आपराधिक तरीके से बर्बाद" किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "विपक्ष के नेता होने के नाते, मेरी सलाह है कि आप हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचें। साथ ही, व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना सोचे-समझे 'आपराधिक' करार देना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।"
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारतीय व्यवसायों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के "खिलौने" जैसा बर्ताव किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा था, "टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है, और किसी भी कारोबारी नेता में एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं है। आप लोग कब तक चुप रहेंगे? क्या तब तक, जब तक वे आपको पूरी तरह से अपने कब्जे में न ले लें?"