
Piyush Goyal GDP Controversy: भारत की जीडीपी पर सवाल उठाने वाले लोगों को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बेरोजगार बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ बेरोजगार लोग खुद को अर्थशास्त्री बताते हैं और टीवी चैनलों पर आकर देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। गोयल ने लोगों से ऐसी बातों के बहकावे में नहीं आने की अपील की। गोयल के बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बेरोजगार वाले बयान पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- अगर GDP पर सवाल करने वाले बेरोजगार हैं तो सवाल सीधा है, आपने देश के करोड़ों युवाओं को बेरोजगार क्यों रखा है?
पोस्ट में आगे लिखा कि- प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। 12 साल के हिसाब से 24 करोड़ युवाओं को रोजगार क्यों नहीं दिया? मतलब साफ है कि आप इसका दोष भी खुद प्रधानमंत्री मोदी के सिर ही मढ़ रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के इस बयान पर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक्स पर पोस्ट करते हुए एक यूजर ने लिखा- सुभाष चंद्र गर्ग अब आज तक में उन लोगों के लिए सर्जिकल स्ट्राइक कर रहे हैं जो इंग्लिश नहीं समझ सकते- "GDP ग्रोथ 2.6% है",
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एक अन्य यूजर ने लिखा- पिछले साल की Q1 GDP (मौजूदा कीमतों) ऑफिशियली 86 ट्रिलियन से शुरू हुई थी। GOL ने अचानक बेस को घटाकर 80 ट्रिलियन कर दिया, जिससे रातों-रात 6 ट्रिलियन कम हो गए। बेस को कम करके, इस साल का 88 ट्रिलियन एक उछाल जैसा लग रहा है। हेडलाइन मैनेजमेंट के लिए इकोनॉमिक डेटा में हेराफेरी की जाती है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता। मंत्री ये आंकड़े नहीं बनाते। 7.8 फीसदी की रिकॉर्ड विकास दर एक वास्तविकता है। उन्होंने कहा कि नकारात्मक सोच के जरिए लोगों को हतोत्साहित करना और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना जनता के साथ विश्वासघात है।
बता दें कि पीयूष गोयल की यह टिप्पणी पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की GDP को लेकर की गई आलोचना के बाद आई है। गर्ग ने एक टीवी चैनल से बातचीत में दावा किया था कि अगर पिछले साल के GDP आंकड़े को करीब 86 लाख करोड़ रुपये से घटाकर लगभग 80 लाख करोड़ रुपये संशोधित नहीं किया गया होता, तो मौजूदा कीमतों पर GDP वृद्धि करीब 2.6 फीसदी होती।
गर्ग का नाम लिए बिना गोयल ने पूर्व वित्त सचिव और पूर्व RBI गवर्नर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ आलोचक सेब की तुलना सेब से करना भी नहीं जानते और पुरानी GDP सीरीज की विकास दर की तुलना नई सीरीज से करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
गोयल ने कहा कि नई GDP सीरीज में आधार वर्ष (Base Year) ही बदल गया है, इसलिए पुरानी और नई सीरीज के आंकड़ों की सीधे तुलना करना उचित नहीं है।