विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विपक्षी दलों पर हमला बोला है। इसके साथ ही एस जयशंकर PM मोदी की जमकर तारीफ की है। एस जयशंकर के अलावा अन्य कई बीजेपी नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन (PM Modi Address the Nation) के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने विपक्ष पर हमला बोला है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी का एक जोरदार संबोधन, जिसमें उन्होंने विपक्ष के महिला विरोधी और विभाजनकारी चेहरे को बेनकाब किया है। कांग्रेस, DMK, सपा और TMC की विरोधी मानसिकता के कारण देश ने एक ऐतिहासिक अवसर गंवा दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विपक्ष को घेरा। एस जयशंकर ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में हम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के वैध अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विपक्ष महिलाओं का हक छीन रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की मानसिकता महिला विरोधी है।
पूर्व राज्यपाल किरण बेदी ने पीएम मोदी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संदेश ने उम्मीद फिर से जगा दी है। शायद 2029 से बहुत पहले ही महिलाएं राज्य विधानसभाओं और संसद में अपनी सही जगह ले लेंगी। यह तो समय ही बताएगा, लेकिन तेजी साफ है।
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने X पोस्ट में लिखा कि PM मोदी द्वारा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर राष्ट्र के नाम संबोधन को सुना। उन्होंने अपने उद्बोधन में कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों की सच्चाई को देश के सामने उजागर करते हुए उनके महिला विरोधी चेहरे को बेनकाब किया।
महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन को पारित न होने देना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह देश की नारी शक्ति के राजनीतिक सशक्तिकरण की भ्रूण हत्या के समान है। सदन में इस महत्वपूर्ण विधेयक के गिरने के बाद जिस प्रकार कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा मेजें थपथपाकर जश्न मनाया गया। यह उनकी संवेदनहीनता और बेशर्मी को दर्शाता है। देश की मातृशक्ति इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पीएम मोदी के संबोधन का समर्थन करते हुए X पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।