
बंगाल चुनाव के पहले चरण में BJP, TMC, कांग्रेस और CPI(M) के उम्मीदवारों को आपराधिक केस (File Photo)
West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण ने लोकतांत्रिक गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, 152 सीटों में से 43% 'रेड अलर्ट' वाली हैं, जहां 3 या उससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं।
ADR और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 23% प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ केस घोषित किए हैं। यह तस्वीर बताती है कि राजनीतिक दलों की रणनीति में 'जीतने की काबिलियत' साफ-सुथरी छवि पर भारी पड़ रही है। ऐसे में मतदाताओं के सामने विकल्प सीमित होते दिख रहे हैं, जिससे चुनावी पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व की गुणवत्ता पर बहस तेज हो गई है। आंकड़े बता रहे हैं कि असली परीक्षा मतदाता की है, जो छवि, संसाधन और जीत की संभावना के बीच संतुलन तलाश रहा है।
पहले चरण के आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि दल टिकट वितरण में 'जीतने की की काबिलियत' को प्राथमिकता दे रहे हैं। 23% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले और 20% पर गंभीर आरोप हैं, जिनमें हत्या (19) और हत्या के प्रयास (105) जैसे केस शामिल हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के 98 मामलों का होना भी चिंता बढ़ाता है। पार्टीवार देखें तो भाजपा के 70%, तृणमूल के 43%, CPI(M) के 44% और कांग्रेस के 26% उम्मीदवारों पर केस हैं। 66 सीटों का 'रेड अलर्ट' होना दर्शाता है कि कई क्षेत्रों में मतदाताओं के पास स्वच्छ छवि वाले विकल्प बेहद सीमित हैं।
Updated on:
19 Apr 2026 04:59 am
Published on:
19 Apr 2026 04:59 am
