प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं। करीब 4 बजे ही यह जानकारी सामने आ गई थी कि आज पीएम मोदी 8:30 बजे टीवी पर आकर देश को संबोधित करेंगे।
PM Modi Address to Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया । करीब 4 बजे ही यह जानकारी सामने आ गई थी कि आज पीएम मोदी 8:30 बजे टीवी पर आकर देश को संबोधित करेंगे। उन्होंने तकरीबन 25 मिनट देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर देश की महिलाओं से मांफी मांगी। इससे पहले कृषि कानून को लेकर भी पीएम देश के किसानों से माफी मांग चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों पर जमकर हमला बोला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ किसी से अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि सभी को कुछ न कुछ देने के उद्देश्य से लाया गया था। उन्होंने इसे महिलाओं के लंबे समय से लंबित अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इसका लाभ 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिलाओं को मिलना तय था।
राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने महिलाओं के मुद्दे पर विशेष रूप से बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि महिलाओं की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो पाई है और इस दिशा में किए गए प्रयास पूरी तरह सफल नहीं रहे। उन्होंने इस स्थिति के लिए देश की महिलाओं से माफी मांगा।
इस विषय पर विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी और अन्य दलों ने वर्षों तक तकनीकी कारणों का हवाला देकर महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने में बाधा डाली। उनके अनुसार, देश की जनता अब इस राजनीतिक रवैये को समझ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने विभिन्न मुद्दों पर भ्रम फैलाकर देश को गुमराह करने की कोशिश की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी पुरानी गलतियों को सुधारेगी और महिलाओं के पक्ष में खड़ी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पार्टी ने एक ऐतिहासिक अवसर गंवा दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अब देश के कई हिस्सों में कमजोर हो चुकी है और क्षेत्रीय दलों पर निर्भर होकर खुद को बनाए रखने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अन्य क्षेत्रीय दलों को भी मजबूत होते नहीं देखना चाहती और इसी कारण उसने इस संशोधन का विरोध किया।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को ‘एंटी-रिफॉर्म’ बताते हुए कहा कि विकास से जुड़े लगभग हर बड़े फैसले का वह विरोध करती है और यही उसकी नकारात्मक राजनीति का हिस्सा रहा है। अंत में उन्होंने उन दलों को चेतावनी दी जिन्होंने संसद में इस संशोधन का विरोध किया था। उनका कहना था कि आज की महिलाएं जागरूक हैं और देश में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखती हैं। वे राजनीतिक दलों की मंशा को समझती हैं, और महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।